सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश शासन के पंजीकरण एवं निबंधन विभाग द्वारा जारी नए शासनादेश के विरोध में गुरुवार को सदर तहसील स्थित उप-निबंधन कार्यालय परिसर में दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडरों और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार के नए आदेश से लाखों लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा और वर्षों से इस कार्य से जुड़े लोगों का रोजगार छिन सकता है।
प्रदर्शन के दौरान दस्तावेज लेखक तहसील संघ सदर के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला निबंधक को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शासन से विवादित आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश शासन के पंजीकरण एवं निबंधन विभाग द्वारा 4 जून 2026 को पत्रांक संख्या 2523/ई-पंजीकरण/शि०क०लख०/2026 जारी किया गया है। इस आदेश के तहत विशिष्ट अथवा निजी संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों के पंजीकरण की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
दस्तावेज लेखक संघ का कहना है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो पंजीकरण प्रक्रिया में वर्षों से कार्यरत अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टाम्प विक्रेता, कंप्यूटर ऑपरेटर, मुंशी तथा अन्य कर्मचारी सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इससे प्रदेश भर में लाखों लोगों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की रोजगार नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक ओर रोजगार सृजन की बात करती है, जबकि दूसरी ओर ऐसे निर्णय लेकर पहले से रोजगार कर रहे लोगों को बेरोजगार बनाने की तैयारी कर रही है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि लोगों से उनका रोजगार छीनना। यही कारण है कि पूरे प्रदेश में इस आदेश के खिलाफ असंतोष का माहौल है।
दस्तावेज लेखक तहसील संघ सदर ने शासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विवादित शासनादेश वापस नहीं लिया गया तो तहसील परिसर में कार्यरत सभी दस्तावेज लेखक, स्टाम्प वेंडर, कंप्यूटर ऑपरेटर और संबंधित कर्मचारी रजिस्ट्रेशन कार्य से पूर्ण रूप से विरत हो जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आदेश वापस होने तक रजिस्ट्री संबंधी कार्य पूरी तरह बंद रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर रजिस्ट्री कार्यालय में ताला लगाने और व्यापक आंदोलन शुरू करने का भी निर्णय लिया जा सकता है।
प्रदर्शन के बाद दस्तावेज लेखक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उप-निबंधक सदर के माध्यम से जिला निबंधक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पर दर्जनों दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और कंप्यूटर ऑपरेटरों के हस्ताक्षर हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से शैलेंद्र श्रीवास्तव, मोहम्मद अकरम, राजेश श्रीवास्तव, अब्दुल हसन, विजय कुमार सिंह, अरविंद सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में तहसील कर्मी और संघ के पदाधिकारी शामिल रहे।
संघ के नेताओं ने कहा कि यदि शासन ने उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल सुलतानपुर की नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लाखों अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, स्टाम्प वेंडरों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के भविष्य से जुड़ी हुई है।
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