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सुलतानपुर में भारतीय मजदूर संघ का प्रदर्शन, 22 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सुलतानपुर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 22 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना की बहाली सहित श्रमिकों एवं कर्मचारियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।

भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण मजदूर, कर्मचारी एवं निम्न आय वर्ग के लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने और न्यूनतम वेतनमान 72 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही बीएसएनएल कर्मचारियों के लिए वर्ष 2017 से लंबित सातवें वेतनमान को शीघ्र लागू करने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में आशा बहुओं का न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये तथा आशा संगिनी का मानदेय 24 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की मांग की गई। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियमित करते हुए न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

भारतीय मजदूर संघ ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को रिक्त पदों के अनुरूप नियमित करने की मांग की। साथ ही संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के उत्पीड़न पर रोक लगाकर उनके लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

ज्ञापन में नगर निगमों और नगर निकायों में स्थायी सफाई कर्मियों की भर्ती किए जाने तथा वर्तमान संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग शामिल रही। वहीं रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को समुचित स्थान उपलब्ध कराने, उनके उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के लिए स्थायी स्टैंड की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। संगठन ने पुलिस द्वारा ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने और उनके लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराने की मांग की।

भारतीय मजदूर संघ ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पुनः लागू करने की मांग दोहराई। साथ ही ईपीएस-95 पेंशनधारकों की पेंशन में वृद्धि कर उसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से जोड़ने की मांग की गई ताकि बढ़ती महंगाई के बीच पेंशनभोगियों को राहत मिल सके।

ज्ञापन में श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने की मांग भी शामिल रही। इसके अतिरिक्त बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को शीघ्र लागू करने की मांग की गई।

भारतीय मजदूर संघ ने ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक, धोबी, दर्जी, बढ़ई, लोहार, मोची, कुम्हार समेत विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आधिकारिक रूप से ‘मजदूर’ की श्रेणी में शामिल कर सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने की मांग की। इस अवसर पर संगठन के जिला पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi