सुलतानपुर। केन्द्र सरकार के विश्वास, विकास और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सुलतानपुर स्थित पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार परिसर में कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला, विकास प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा आम नागरिकों ने भाग लेकर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कृषि विकास कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा किसानों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन के पश्चात उन्होंने कृषि एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम में कृषि रक्षा, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, इफको, कृभको, मत्स्य विभाग, गन्ना विभाग, जल जीवन मिशन, डेयरी विकास तथा स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे।
इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों एवं आमजन को सरकार की विभिन्न योजनाओं, अनुदानों, तकनीकी सहायता और कृषि विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं के लाभों के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित किसानों में कादीपुर के प्रशान्त वर्मा, जजरही के राजेन्द्र सिंह, बीबीपुर रेहती के बब्बन यादव, बबुरी के संतप्रसाद तिवारी तथा परशुरामपुर के अशोक वर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अपने संबोधन में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक पद्धति नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत माध्यम है। उन्होंने किसानों से रसायनमुक्त एवं पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बने।
कार्यशाला के दौरान प्राकृतिक खेती को अपनाकर सफलता प्राप्त करने वाले कई प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा किसानों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि होती है।
किसानों ने अन्य कृषकों को प्राकृतिक खेती के व्यवहारिक पक्ष, तकनीकी जानकारी और इसके लाभों से अवगत कराया, जिससे उपस्थित किसानों में इस पद्धति के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यशाला में कृषि रक्षा, उद्यान, गन्ना, डेयरी, सिंचाई, पशुपालन, नलकूप एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभागीय योजनाओं, अनुदानों, कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सहायता तथा तकनीकी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं भी सुनीं और उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में संस्कृति विभाग से पंजीकृत कलाकार जय नारायण एवं उनकी टीम तथा हरिप्रसाद एवं उनकी टीम ने लोकगीतों और कृषि विकास गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कलाकारों ने गीत-संगीत के माध्यम से केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, ग्रामीण विकास और कृषि उन्नति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय विकास प्रदर्शनी का किसानों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक अवलोकन किया। कार्यक्रम स्थल पर बनाया गया प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी प्वाइंट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने सेल्फी लेकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
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