सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था एवं उप-निबंधक कार्यालयों के कथित निजीकरण के विरोध में गुरुवार को बल्दीराय उप-निबंधक कार्यालय पर दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। विरोधस्वरूप दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडर कार्य बहिष्कार करते हुए कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए, जिससे पूरे दिन रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहा।
सुबह से ही बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता और उनसे जुड़े कर्मचारी उप-निबंधक कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ई-पंजीकरण व्यवस्था की समीक्षा और संबंधित वर्गों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
धरना दे रहे दस्तावेज लेखकों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश भर में हजारों दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, स्टाम्प विक्रेता, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य सहयोगी कर्मियों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप है कि पंजीकरण प्रक्रिया में निजी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ने से वर्षों से इस कार्य से जुड़े लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दस्तावेज लेखक और स्टाम्प विक्रेता लंबे समय से आम जनता को रजिस्ट्री संबंधी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में नई व्यवस्था लागू करने से पहले सरकार को प्रभावित वर्गों से संवाद स्थापित करना चाहिए था।
आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सब-रजिस्ट्रार के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की गई कि ई-पंजीकरण व्यवस्था एवं निजीकरण संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की जाए और दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं तथा स्टाम्प विक्रेताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि सरकार ने समय रहते इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
कार्य बहिष्कार के कारण रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जमीन खरीद-फरोख्त और अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कई लोगों को बिना कार्य कराए वापस लौटना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आंदोलन लंबा चला तो आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन भी शुरू किया जा सकता है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल उनके रोजगार का मुद्दा नहीं है, बल्कि आम जनता की सुविधा और पारदर्शी पंजीकरण व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ विषय है। प्रदर्शन के चलते बल्दीराय उप-निबंधक कार्यालय में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा और अधिकांश रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहे।
धरना-प्रदर्शन में दस्तावेज लेखक विपिन मिश्रा, अरविंद पांडेय, करुणेश प्रताप, दिलीप सिंह, राम अंजोर यादव, हसनैन, नंद कुमार यादव, प्रदीप यादव, आलोक श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, कुलदीप, नीरज, ठाकुर प्रसाद, आदर्श यादव और सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वहीं स्टाम्प वेंडर फ़ैयाज़ अहमद, अनिल सिंह और आशीष तिवारी समेत अन्य लोगों ने भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई तथा सरकार से ई-पंजीकरण व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।
Author Profile

Latest entries
Breaking NewsJuly 26, 2026सुलतानपुर विधानसभा 2027: सपा से एडवोकेट अशोक सिंह बिसेन हो सकते हैं प्रत्याशी, पार्टी नेतृत्व में लगातार चर्चा
Breaking NewsJuly 22, 2026शिक्षा और लोकतंत्र के समर्थन में सपा का आंदोलन तेज, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; तिकोनिया पार्क में रोजाना धरने का ऐलान
Breaking NewsJuly 19, 2026जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने पर सपा का हमला, अशोक सिंह बिसेन बोले- लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों पर सीधा प्रहार
Breaking NewsJuly 10, 2026भाजपा सरकार भ्रष्टाचार, अपराध और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ की जिम्मेदार: एडवोकेट अशोक सिंह बिसेन
