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सरस्वती शिशु मंदिर विवेकानंद नगर में समर कैंप के तहत विद्यार्थियों को सिखाई गई पंजाबी भाषा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज

सुलतानपुर। विवेकानंद नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में चल रहे समर कैंप के अंतर्गत विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास एवं भाषाई ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को त्रिभाषा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को पंजाबी भाषा की प्रारंभिक जानकारी दी गई तथा उन्हें पंजाबी भाषा के शब्दों, उच्चारण और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सामान्य वाक्यों से परिचित कराया गया।

विद्यालय प्रशासन का मानना है कि विभिन्न भारतीय भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और भाषाई समृद्धि को बढ़ावा देता है। इसी उद्देश्य से समर कैंप में बच्चों को नई भाषाओं एवं विविध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पंजाबी भाषा के शब्दों एवं वाक्यों का अभ्यास किया। शिक्षकों ने बच्चों को भाषा सीखने के साथ-साथ पंजाब की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान कीं। इससे बच्चों में नई भाषा सीखने के प्रति विशेष रुचि देखने को मिली।

विद्यालय के आचार्यों ने बताया कि समर कैंप केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक क्षमता और ज्ञानवर्धन का महत्वपूर्ण मंच भी है। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को नई-नई विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता विकसित हो सके।

इसी क्रम में विद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी कि आगामी 21 जून 2026 को विद्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। योग दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों की सहभागिता से विशेष योग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासन, प्राणायाम और स्वास्थ्यवर्धक अभ्यासों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक संतुलन बनाए रखने में योग की भूमिका के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi