सुलतानपुर। कादीपुर उप निबंधक कार्यालय में बैनामा लेखक, स्टाम्प विक्रेता, अधिवक्ता एवं मुंशी संघ ने सरकार की नीतियों और कथित अन्यायपूर्ण निर्णयों के विरोध में 19 एवं 20 जून 2026 को दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के चलते कार्यालय में रजिस्ट्री और बैनामा से जुड़े अधिकांश कार्य प्रभावित हो गए हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैनामा लेखक, अधिवक्ता, स्टाम्प विक्रेता और मुंशी वर्ग के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए इसे उनके रोजगार और आजीविका पर सीधा हमला बताया।
धरना स्थल पर मौजूद बैनामा लेखक हरिभजन अकेला ने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में जारी किए गए लाइसेंस के आधार पर हजारों परिवार वर्षों से इस पेशे से जुड़े हुए हैं। यह व्यवस्था न केवल अनेक लोगों को रोजगार प्रदान करती रही है, बल्कि सरकारी राजस्व बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नई व्यवस्था के माध्यम से इस कार्य प्रणाली को समाप्त कर इसे बड़े पूंजीपतियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। यदि ऐसा हुआ तो छोटे स्तर पर कार्य करने वाले दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता, अधिवक्ता और मुंशी वर्ग के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
हरिभजन अकेला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसी रणनीति भी अपनाई जा सकती है।
वहीं, कादीपुर के उप निबंधक शिव कुमार ने बताया कि हड़ताल के कारण दो दिनों के भीतर लगभग 10 से 15 लाख रुपये तक के सरकारी राजस्व के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में रजिस्ट्री, बैनामा और अन्य पंजीकरण संबंधी कार्य प्रभावित हुए हैं, जिससे राजस्व संग्रह पर भी असर पड़ा है।
हड़ताल के कारण संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने निर्धारित कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों और संबंधित पेशेवरों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
धरना-प्रदर्शन में मंगला तिवारी, अजय कुमार, श्यामा बहादुर, छोटेलाल समेत इस पेशे से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
कादीपुर उप निबंधक कार्यालय में चल रही यह हड़ताल अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर न केवल राजस्व वसूली पर पड़ेगा बल्कि आम नागरिकों के संपत्ति संबंधी कार्य भी लंबे समय तक प्रभावित हो सकते हैं।
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