सुलतानपुर। जनपद सुलतानपुर की अखंड नगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाहन मालिकों और चालकों को डराकर-धमकाकर अवैध वसूली करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से वसूली गई नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
इस मामले में दो आरोपी, आकाश सिंह और सौरभ उर्फ गोलू गिरि, को गिरफ्तार कर पुलिस ने रंगदारी के ₹2,000 बरामद कर लिए हैं । के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक श्री वृजनारायण सिंह की बाइटः- pic.twitter.com/afOeaD9lhH
— SULTANPUR POLICE (@sultanpurpolice) June 19, 2026
पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अखंड नगर पुलिस ने यह कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक वृजनारायण सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह वाहन ऋण की किस्तों से जुड़ी जानकारी जुटाकर लोगों को अपना निशाना बनाता था और कंपनी प्रतिनिधि बनकर उनसे अवैध वसूली करता था।
मामले की शुरुआत 18 जून को हुई, जब अंबेडकर नगर जनपद के ग्राम जोनापुर निवासी नीरज कुमार ने थाना अखंड नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनके वाहन को, जिसे चालक लेकर जा रहा था, कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने वाहन की किस्त बकाया होने का हवाला देते हुए चालक को कानूनी कार्रवाई और वाहन सीज कराने की धमकी दी तथा उससे नकदी वसूल ली।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आकाश सिंह पुत्र सुभाष सिंह उर्फ पप्पू सिंह, निवासी जमौटा, थाना पवई, जनपद आजमगढ़ और सौरभ उर्फ गोलू गिरी पुत्र स्वर्गीय सुनील गिरी, निवासी बेलवाई, थाना अखंड नगर, जनपद सुलतानपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध वसूली के ₹2,000 नकद भी बरामद किए हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ऐसे वाहनों की जानकारी जुटाते थे जिनकी ऋण किस्तें समय पर जमा नहीं हो पाती थीं।
इसके लिए आरोपी “Easy Recovery 2.0” नामक मोबाइल ऐप का उपयोग करते थे। इस ऐप के माध्यम से वे वाहनों और उनके मालिकों का डेटा प्राप्त करते थे। इसके बाद वाहन की लोकेशन ट्रेस कर रास्ते में रोक लेते थे।
आरोपी स्वयं को फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए वाहन मालिकों या चालकों को वाहन जब्त कराने, कानूनी कार्रवाई करने और पुलिस कार्रवाई का भय दिखाते थे। दबाव और डर का माहौल बनाकर मौके पर ही नकदी वसूल लेते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह केवल सुलतानपुर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है तथा अन्य जनपदों से प्राप्त शिकायतों का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने की संभावना है।
पुलिस प्रशासन ने वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को फाइनेंस कंपनी या रिकवरी एजेंट बताकर रास्ते में रोकता है और धन की मांग करता है, तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस हेल्पलाइन पर दें। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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