सुलतानपुर। जिले के धम्मौरगंज विकास खंड क्षेत्र स्थित हनुमतपुर पिपरी साईंनाथपुर के श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में 23वां स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन किए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की।
कार्यक्रम का आयोजन इंटरनेशनल सोसायटी फॉर स्पिरिचुअल एडवांसमेंट (ISSA) तथा संकट मोचन फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में किया गया। समारोह के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन और अखंड रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
संकट मोचन फाउंडेशन के संस्थापक एवं अप्रवासी भारतीय संत स्वामी रामानंद (डॉ. आर.एस. द्विवेदी) महाराज के मार्गदर्शन में लोक कल्याण, विश्व शांति और मानवता के मंगल की कामना के साथ अखंड रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से पाठ में भाग लिया तथा हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, सेवा, समर्पण और भक्ति के प्रतीक हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
मंदिर की स्थापना वर्ष 2003 में एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के दौरान हुई थी। उस समय अयोध्या राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री श्री 1008 नृत्य गोपाल दास महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी।
मंदिर के गर्भगृह में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा को विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। इसके साथ ही राजाराम दरबार, राधा-कृष्ण तथा अन्य देव प्रतिमाओं की स्थापना भी विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराई गई थी। मंदिर निर्माण और स्थापना में स्वामी सर्वस्वती जी तथा विश्वविख्यात संत डॉ. रामकुमार दास जी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
स्थापना के बाद से बीते 23 वर्षों में यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक और सामाजिक केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां नियमित रूप से धार्मिक आयोजन, आध्यात्मिक प्रवचन, भंडारे, सेवा कार्य और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि यह पावन धाम केवल पूजा-अर्चना का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, संस्कार और मानव सेवा का भी महत्वपूर्ण मंच है। वर्षों से हजारों श्रद्धालु यहां आकर आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव करते रहे हैं।
मंदिर से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि आईएसएसए संस्था की अध्यक्षा अरुणा द्विवेदी के नेतृत्व में मंदिर ने अपने गौरवशाली 23 वर्ष पूरे किए हैं। संस्था द्वारा समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिनका लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलता रहा है।
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