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44 घंटे बाद भू-समाधि से बाहर आए मौनी महाराज, सीताकुंड धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सुलतानपुर। जिले के प्रसिद्ध सीताकुंड धाम स्थित महाकाल आश्रम में 44 घंटे की भू-समाधि लेने वाले मौनी महाराज गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे समाधि से बाहर आए। जैसे ही मौनी महाराज बाहर निकले, आश्रम परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘हर-हर बम-बम’ के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए मौके पर पहुंचे।

भू-समाधि से बाहर आने के बाद मौनी महाराज को सामान्य स्थिति में लाने के लिए उनके शिष्यों ने गंगा जल और दूध से मालिश की। आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने महाराज के स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी बल को तैनात किया गया था।

राष्ट्र कल्याण यज्ञ में बाधा के आरोप के बाद ली थी भू-समाधि

मौनी महाराज ने मंगलवार शाम करीब 6 बजे भू-समाधि ली थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह कदम राष्ट्र कल्याण यज्ञ में बाधा डालने और उनके साथ कथित अभद्रता की घटनाओं से आहत होकर उठाया था।

मौनी महाराज इन दिनों अधिक मास के विशेष अनुष्ठान के लिए सीताकुंड धाम में प्रवास कर रहे हैं। मंगलवार दोपहर उन्होंने मीडिया और श्रद्धालुओं को बताया था कि सोमवार सुबह कुछ लोग आश्रम में घुस आए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने उनके गले तक हाथ लगाने का प्रयास किया, जिसके बाद आश्रम के लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें सुरक्षित किया।

“प्रशासन को पहले ही दी थी जानकारी”

मौनी महाराज के अनुसार, घटना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दे दी गई थी। अधिकारियों ने उन्हें अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि, महाराज का आरोप है कि इसके बावजूद मंगलवार सुबह फिर एक व्यक्ति द्वारा उनके साथ अभद्रता की गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें आश्रम से हटाने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर आश्रम के अनुयायियों और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही लगातार नजर

भू-समाधि की सूचना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया था। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे। अधिकारियों ने हालात सामान्य बनाए रखने और मौनी महाराज को सुरक्षित बाहर लाने के लिए लगातार प्रयास किए।

सीताकुंड धाम स्थित महाकाल आश्रम में जिले के कई गणमान्य नागरिक भी पहुंचे और मौनी महाराज से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

मौनी महाराज के भू-समाधि से बाहर आने की खबर फैलते ही आश्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने उन्हें संत परंपरा का प्रतीक बताते हुए आशीर्वाद लिया। आश्रम परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आश्रम के आसपास निगरानी बढ़ा दी थी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi