सुलतानपुर। जिले के प्रसिद्ध सीताकुंड धाम में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान को लेकर विवाद अब बड़ा रूप लेता नजर आ रहा है। सगरा पीठाधीश्वर अभय चैतन्य स्वामी मौनी महाराज ने जिला प्रशासन की कार्यशैली और अनुष्ठान में कथित व्यवधान से नाराज होकर मंगलवार शाम तीन दिन की भू-समाधि लेने का निर्णय लिया। उनके इस कदम के बाद संत समाज, शिष्यों और श्रद्धालुओं में चिंता और नाराजगी का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, मौनी महाराज अधिक मास के विशेष अनुष्ठान और राष्ट्र कल्याण यज्ञ के लिए सीताकुंड धाम में प्रवास कर रहे थे। इसी दौरान कथित रूप से आश्रम में विवाद की घटनाएं सामने आने लगीं, जिसके बाद हालात लगातार तनावपूर्ण होते चले गए।
मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे मौनी महाराज महाकाल आश्रम स्थित शिव मंदिर के समाधि कक्ष में प्रवेश कर गए। मंदिर का कपाट बंद होने के बाद उनके शिष्यों और समर्थकों ने मंदिर परिसर के बाहर डेरा जमा लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी वहां पहुंचने लगे, जिससे क्षेत्र में हलचल बढ़ गई।
मौनी महाराज के शिष्य आनंद चैतन्य ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि आश्रम में कुछ लोगों द्वारा लगातार व्यवधान पैदा किया जा रहा था। उनका कहना है कि एक आरोपी द्वारा मौनी महाराज के साथ अभद्र व्यवहार करने के साथ-साथ जानलेवा हमला करने और गला दबाने का प्रयास भी किया गया। इस संबंध में नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई है।
मौनी महाराज ने आरोप लगाया कि सोमवार रात कुछ लोग आश्रम पहुंचे और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि उपद्रवियों ने उनके गले तक हाथ लगाने का प्रयास किया, जिसका विरोध किया गया। बाद में आश्रम के लोगों ने बीच-बचाव किया।
महाराज का यह भी आरोप है कि प्रशासन को घटना की जानकारी देने के बावजूद मंगलवार सुबह फिर विवाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित नामक व्यक्ति आश्रम पहुंचा और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। मौनी महाराज ने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव की भूमिका हो सकती है।
घटना के बाद सीताकुंड धाम पर दर्जनों समर्थक और संत समाज के लोग पहुंच गए हैं। समर्थकों का आरोप है कि मामले में आरोपी के प्रति नरमी बरती जा रही है, जिससे संत समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने मामले को दो पक्षों के बीच वैचारिक विवाद बताया है। अपर पुलिस अधीक्षक बृजनारायण सिंह ने कहा कि सीताकुंड घाट स्थित आश्रम में दो पक्षों के बीच कहासुनी की घटना हुई थी और दोनों पक्षों से वार्ता कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135 के तहत दोनों पक्षों के दो-दो लोगों पर कार्रवाई की गई है। मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद सीताकुंड धाम और जिले के धार्मिक व सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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