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सुलतानपुर में लेखपालों ने खोला मोर्चा, अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के बस्ते जमा कर प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध

सुलतानपुर। जिले में खतौनी में अंश निर्धारण और फार्मर रजिस्ट्री के बढ़ते कार्यभार के बीच अब लेखपालों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। अधिकारियों पर उत्पीड़न और अनावश्यक दबाव बनाने के आरोप लगाते हुए लेखपालों ने अतिरिक्त चार्ज वाली ग्राम पंचायतों के बस्ते जमा करना शुरू कर दिया है। लेखपालों के इस कदम से प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में राजस्व एवं पंचायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, सदर तहसील स्थित लेखपाल संघ भवन में तहसील अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह की मौजूदगी में बड़ी संख्या में लेखपालों ने अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के बस्ते जमा किए। इस दौरान लेखपालों ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार ने कामकाज को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

लेखपालों का कहना है कि पहले से ही खतौनी में अंश निर्धारण, फार्मर रजिस्ट्री और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अतिरिक्त ग्राम पंचायतों का चार्ज दिए जाने से स्थिति और कठिन हो गई है। उनका तर्क है कि एक व्यक्ति पर आवश्यकता से अधिक जिम्मेदारियां डालने से कार्यों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है और समय पर कार्य पूरा कर पाना चुनौती बनता जा रहा है।

तहसील अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस लेखपाल को जिस हलके का आवंटन किया गया है, वह उसी क्षेत्र में कार्य करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा अनावश्यक दबाव बनाकर अतिरिक्त जिम्मेदारियां देने का प्रयास किया जा रहा है, जो व्यावहारिक रूप से उचित नहीं है।

लेखपाल संघ के इस फैसले को प्रशासन पर दबाव बनाने की एक बड़ी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं निकला तो इसका असर सीधे तौर पर राजस्व विभाग और पंचायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लेखपाल ग्रामीण प्रशासन और राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में यदि उनके कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होता है तो खतौनी संबंधी कार्य, किसान पंजीकरण प्रक्रिया और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

इस दौरान शान मोहम्मद, राजेश श्रीवास्तव, प्रवीण, केके पाल, बजरंगबली, आशीष, पंकज और विजय साहू सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।

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Suyash Chitranshi
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