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जयसिंहपुर में लेखपालों का बड़ा विरोध, अतिरिक्त चार्ज छोड़कर जमा किए बस्ते; प्रशासनिक व्यवस्था में मची हलचल

सुलतानपुर। जयसिंहपुर तहसील में बढ़ते कार्यभार और अधिकारियों के कथित उत्पीड़न के विरोध में लेखपालों ने बड़ा कदम उठाते हुए अतिरिक्त चार्ज वाली ग्राम पंचायतों के बस्ते जमा करना शुरू कर दिया है। खतौनी में अंश निर्धारण, फार्मर रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्यों के बढ़ते दबाव के बीच उठाए गए इस कदम ने प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज कर दी है। लेखपालों के इस विरोध के बाद अब राजस्व और किसान संबंधित कार्य प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

मंगलवार को तहसील स्थित लेखपाल संघ भवन में तहसील अध्यक्ष लाल बहादुर श्रीवास्तव की मौजूदगी में बड़ी संख्या में लेखपालों ने एकत्र होकर अतिरिक्त प्रभार वाले बस्ते जमा किए। इस दौरान लेखपालों ने प्रशासनिक नीतियों और बढ़ते कार्यभार को लेकर नाराजगी भी जाहिर की।

लेखपालों का कहना है कि शासन स्तर से समयबद्ध तरीके से फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी में अंश निर्धारण और अन्य राजस्व कार्यों को पूरा करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कई कर्मचारियों को अतिरिक्त ग्राम पंचायतों का प्रभार भी दिया जा रहा है, जिससे कार्य का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब कोई भी लेखपाल अपने मूल हल्के के अलावा अन्य क्षेत्र का कार्य नहीं करेगा। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां देना उचित नहीं है। इससे न केवल कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है, बल्कि राजस्व कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता भी प्रभावित हो रही है।

तहसील अध्यक्ष लाल बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक लेखपाल को जो हल्का आवंटित किया गया है, वही उसका निर्धारित कार्यक्षेत्र है और अतिरिक्त चार्ज का बोझ अब किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि लेखपालों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

लेखपालों के इस निर्णय को प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि यह स्थिति लंबी चली तो इसका सीधा असर किसान सेवाओं और राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्यों पर पड़ सकता है। फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी सुधार और अन्य सरकारी प्रक्रियाएं प्रभावित होने की संभावना से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

इस दौरान उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, मंत्री विपिन यादव, सुप्रिया, दीक्षा, रितिका सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।

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Suyash Chitranshi
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