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सुलतानपुर में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से हाहाकार, 10–15 दिन तक एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर उपभोक्ता

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में इन दिनों घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर से लेकर आसपास के ग्रामीण इलाकों तक बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए एजेंसियों के लगातार चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवारों को एक सिलेंडर के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसियों पर अनियमितता और कालाबाजारी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं को एजेंसियों द्वारा केवल एक पर्ची देकर वापस भेज दिया जाता है और उन्हें 10 से 15 दिन तक इंतजार करने के लिए कहा जाता है। इससे आम परिवारों के सामने घरेलू कामकाज को लेकर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को झेलनी पड़ रही है जिनमें स्कूल जाने वाले बच्चे और नौकरीपेशा सदस्य हैं। लोगों का कहना है कि सुबह की भागदौड़ और समय की कमी के बीच खाना बनाने में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। कई घरों में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों को मजबूरी में दोबारा पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। कुछ लोगों का कहना है कि एजेंसियों द्वारा पैसे लेकर सिलेंडर जमा कर लिए जाते हैं और बाद में मनमाने तरीके से वितरण किया जाता है। इससे आम उपभोक्ता समय पर गैस प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

कुछ स्थानीय नागरिकों ने और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैस एजेंसियों और आपूर्ति विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के कारण गैस की कालाबाजारी हो रही है। लोगों का आरोप है कि जहां आम नागरिकों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं कुछ लोगों को आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं।

नागरिकों का मानना है कि यदि जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग गैस एजेंसियों और उनके गोदामों की नियमित जांच और निगरानी करे, तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने से वितरण व्यवस्था पारदर्शी होगी और आम लोगों को समय पर राहत मिल सकेगी।

फिलहाल जिले के लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi