सुलतानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्त शिक्षकों की नोशनल वेतन वृद्धि (Notional Increment) से संबंधित फाइलों के लंबे समय से लंबित रहने के विरोध में जिलाधिकारी से मिलने जा रहे एक रिटायर शिक्षक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जनपद के दर्जनों सेवानिवृत्त शिक्षक गुरुवार को जिलाधिकारी सुलतानपुर से मुलाकात कर अपनी लंबित नोशनल वेतन वृद्धि संबंधी पत्रावलियों के निस्तारण की मांग करने जा रहे थे। इसी दौरान पयागीपुर क्षेत्र में सेवानिवृत्त शिक्षक हरिकुमार श्रीवास्तव सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए।
दुर्घटना में पैर की हड्डी टूटी, निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना में हरिकुमार श्रीवास्तव को गंभीर चोटें आईं और उनके दाहिने पैर के एंकल (टखने) की हड्डी टूट गई। स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ सुलतानपुर के जिलाध्यक्ष दिनेश उपाध्याय, प्राथमिक शिक्षक संघ भदैया इकाई के मंत्री बिपिन यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षक जिला अस्पताल पहुंच गए और घायल शिक्षक का हालचाल जाना।
छह माह से लंबित हैं नोशनल वेतन वृद्धि की फाइलें
शिक्षक नेताओं का आरोप है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों की नोशनल वेतन वृद्धि से संबंधित फाइलें पिछले छह माह से वित्त एवं लेखाधिकारी (एओ) कार्यालय, बेसिक शिक्षा में लंबित पड़ी हैं। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने और अधिकारियों से अनुरोध करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्राथमिक शिक्षक संघ भदैया के मंत्री बिपिन यादव ने बताया कि जनवरी 2026 से सेवानिवृत्त शिक्षकों की पत्रावलियां कार्यालय में लंबित हैं। बुजुर्ग शिक्षक लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इसी कारण शिक्षक जिलाधिकारी से मिलकर अपनी पीड़ा बताना चाहते थे।
शिक्षकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी पर लगाया उदासीनता का आरोप
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने कई बार वित्त एवं लेखाधिकारी से मुलाकात कर लंबित फाइलों के शीघ्र निस्तारण की मांग की थी, लेकिन उनकी ओर से कोई गंभीर पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण बुजुर्ग शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लंबित मामलों का निस्तारण कर दिया जाता तो शायद आज यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होती।
10 दिन में समाधान नहीं हुआ तो होगा धरना-प्रदर्शन
शिक्षक संघ ने वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा से मांग की है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों की नोशनल वेतन वृद्धि से संबंधित सभी लंबित पत्रावलियों का निस्तारण अगले 10 दिनों के भीतर किया जाए।
जिलाध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संगठन कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान राम सिंह, सूर्यभान चौरसिया, बाबू राम वर्मा, अशोक श्रीवास्तव, सुनैना देवी, राम सहाय सिंह, कनक लता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
शिक्षकों में बढ़ रहा असंतोष
घटना के बाद शिक्षकों के बीच गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को अपने वैधानिक अधिकारों के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल लंबित फाइलों का निस्तारण कराया जाए ताकि बुजुर्ग शिक्षकों को राहत मिल सके।
Author Profile

Latest entries
ReligiousJune 4, 2026बाबा महेशनाथ धाम में गूंज रही शिव महापुराण कथा, श्रद्धालुओं को मिल रहा भक्ति, ज्ञान और सनातन धर्म का संदेश
Breaking NewsJune 4, 2026कूरेभार में रात होते ही गुल हो रही बिजली, भीषण गर्मी में रोस्टिंग और फॉल्ट से त्रस्त हुए उपभोक्ता
Breaking NewsJune 4, 2026महंगाई, बिजली कटौती और NEET पेपर लीक के खिलाफ सपा यूथ ब्रिगेड का प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
Breaking NewsJune 4, 2026सुलतानपुर में प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव की अध्यक्षता में समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न, केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप
