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गांव देहात ग्रुप और साप्ताहिक समाचार पत्र के छठे स्थापना दिवस पर पत्रकारिता की विश्वसनीयता, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी बदलावों पर हुआ मंथन

सुलतानपुर। बदलते मीडिया परिदृश्य और डिजिटल युग की चुनौतियों के बीच ग्रामीण पत्रकारिता की प्रासंगिकता और विश्वसनीयता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बुधवार को जोरदार चर्चा हुई। अमहट स्थित महल रिसॉर्ट में आयोजित गांव देहात ग्रुप एवं साप्ताहिक समाचार पत्र के छठे स्थापना दिवस समारोह में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि समाज को आज भी निष्पक्ष, जनपक्षीय और जमीनी पत्रकारिता की आवश्यकता है, क्योंकि गांवों की वास्तविक समस्याएं और विकास की कहानियां मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर पर्याप्त स्थान नहीं पा पाती हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. हीरा लाल, सचिव राष्ट्रीय एकीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, विशिष्ट अतिथि डॉ. वेद प्रकाश आर्य, वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य वक्ता ब्रजभूषण दुबे मार्कण्डेय तथा पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह ‘मोनू’ ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। कार्यक्रम के आयोजक एवं गांव देहात ग्रुप के संपादक अंजनी तिवारी ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ, पौधा और प्रशस्ति पत्र भेंट कर स्वागत किया।

पत्रकारिता मिशन थी तो जनता का विश्वास था, व्यवसाय बनने पर बढ़ीं चुनौतियां

कार्यक्रम में वक्ताओं ने पत्रकारिता की बदलती प्रकृति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक समय पत्रकारिता समाज परिवर्तन का मिशन हुआ करती थी। उस दौर में मीडिया के प्रति जनता का विश्वास भी अधिक मजबूत था। लेकिन समय के साथ पत्रकारिता के व्यावसायिक स्वरूप ने कई नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे में पत्रकारों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखना है।

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजभूषण दुबे मार्कण्डेय ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को सही दिशा देना और जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है। यदि पत्रकारिता अपनी मूल भावना से भटकती है तो लोकतंत्र भी कमजोर होता है।

एआई के बाद आएगा क्वांटम युग, लेकिन पत्रकारिता की भूमिका बनी रहेगी महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि डॉ. हीरा लाल ने गांव देहात ग्रुप को छह वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि दुनिया तेजी से तकनीकी बदलावों के दौर से गुजर रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बाद आने वाला क्वांटम युग मानव जीवन और कार्यशैली में बड़े परिवर्तन लेकर आएगा।

उन्होंने कहा कि तकनीक कई कार्यों को आसान और प्रभावी बनाएगी, लेकिन समाज को सही दिशा देने और जनभावनाओं को समझने का कार्य पत्रकारिता ही कर सकती है। ग्रामीण पत्रकारिता विशेष रूप से उन लोगों की आवाज है, जिनकी समस्याएं अक्सर बड़े मंचों तक नहीं पहुंच पातीं।

डॉ. हीरा लाल ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि यदि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सकारात्मक सोच और सामाजिक जागरूकता फैलाने के लिए किया जाए तो यह समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।

चौपाल में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर हुई चर्चा

स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित विशेष चौपाल में “ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भर महिलाएं एवं उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। इस सत्र में डॉ. आभा सिंह, डॉ. पूनम सिंह, समाजसेविका मनीषा पांडेय और महिला आरक्षी पारुल सिंह ने अपने विचार रखे।

डॉ. आभा सिंह ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की मजबूती महिलाओं के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। यदि महिलाएं स्वस्थ और सुरक्षित होंगी तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे।

डॉ. पूनम सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बड़ी बीमारियों से बचाव का माध्यम बन सकती हैं।

मिशन शक्ति और आजीविका योजनाएं महिलाओं के लिए बनीं परिवर्तन का माध्यम

समाजसेविका मनीषा पांडेय ने कहा कि आज ग्रामीण महिलाओं के लिए सरकार की विभिन्न योजनाएं आत्मनिर्भरता का नया रास्ता खोल रही हैं। उन्होंने बताया कि ड्रोन दीदी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा मिशन शक्ति जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

महिला आरक्षी पारुल सिंह ने साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी साझा की।

ग्रामीण पत्रकारिता लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का माध्यम

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का एक सशक्त उपकरण है। गांव देहात ग्रुप द्वारा पिछले छह वर्षों से ग्रामीण मुद्दों, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के प्रयासों की सराहना की गई।

स्थापना दिवस समारोह में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, महिला समूहों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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Suyash Chitranshi
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