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राहुल गांधी मानहानि मामले में सुनवाई टली, अब 29 जून को होगी अगली पेशी; आवाज मिलान विवाद पर 25 जून को बहस

सुलतानपुर। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सुलतानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे चर्चित मानहानि मामले की मंगलवार को होने वाली सुनवाई टल गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जून की तारीख निर्धारित की है। मामले में सत्र न्यायालय में लंबित एक संबंधित पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन) के कारण मूल मुकदमे की सुनवाई प्रभावित हुई है।

राहुल गांधी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता काशी शुक्ला ने बताया कि अदालत में प्रस्तुत की गई सीडी में मौजूद आवाज और राहुल गांधी की वास्तविक आवाज के विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से मिलान कराने के मुद्दे को लेकर एक पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका की सुनवाई एडीजे कोर्ट-5 में होनी है, जहां अब 25 जून को बहस निर्धारित की गई है।

जानकारी के अनुसार पिछली सुनवाई के दौरान निचली अदालत से संबंधित पत्रावली एडीजे कोर्ट में नहीं पहुंच सकी थी, जिसके कारण पुनरीक्षण याचिका पर बहस नहीं हो पाई थी। अब पत्रावली संबंधित न्यायालय में पहुंच चुकी है और अदालत ने 25 जून को इस मामले पर विस्तृत सुनवाई तय की है। वहीं, मूल मानहानि मुकदमे की सुनवाई फिलहाल स्थगित कर दी गई है और एमपी/एमएलए कोर्ट ने अगली तारीख 29 जून निर्धारित की है।

यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित एक प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

इस बयान से आहत होने का दावा करते हुए सुलतानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने एमपी/एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने परिवाद स्वीकार करते हुए राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।

फरवरी 2024 में राहुल गांधी सुलतानपुर अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिली थी। इसके बाद जुलाई 2024 में उन्होंने अदालत में अपना बयान भी दर्ज कराया था।

मामले की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष की ओर से यह मांग की गई थी कि अदालत में प्रस्तुत की गई सीडी में मौजूद आवाज का राहुल गांधी की वास्तविक आवाज से विधि विज्ञान प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाए। वादी पक्ष का तर्क था कि इससे कथित बयान की प्रामाणिकता स्पष्ट हो सकेगी।

हालांकि, निचली अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया था और आवेदन खारिज कर दिया था। इसके बाद वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने एडीजे-5 की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी। अब इस पुनरीक्षण याचिका पर 25 जून को बहस होगी, जबकि मूल मानहानि मामले की सुनवाई 29 जून को निर्धारित की गई है।

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Suyash Chitranshi
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