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शिक्षक राजेश गौतम पर दर्ज मुकदमे को लेकर मोस्ट का प्रदर्शन, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और न्यायिक जांच की मांग

सुलतानपुर। शिक्षक राजेश गौतम पर दर्ज मुकदमे को लेकर अब मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। मोस्ट कल्याण संस्थान उत्तर प्रदेश और सोम्स शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारियों और शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। भीषण गर्मी के बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष शिक्षक पर दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने तथा कथित तौर पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान मोस्ट के जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने आरोप लगाया कि पी.पी. इंटर कॉलेज, वलीपुर के शिक्षक राजेश गौतम को सुनियोजित षड्यंत्र और प्रतिशोध की भावना के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, जिससे शिक्षकों और सामाजिक संगठनों में व्यापक नाराजगी और आक्रोश है।

ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षक राजेश गौतम ने बीते 26 जनवरी 2026 को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने वाले एक क्लर्क के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि उसी मामले में समझौते का दबाव बनाने और व्यक्तिगत प्रतिशोध की भावना से कुछ लोगों ने पुलिस से कथित मिलीभगत कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।

प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना था कि यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी को इस प्रकार झूठे मामलों में फंसाया जाएगा तो इससे शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक तंत्र दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और न्यायिक जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना जरूरी है ताकि निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिल सके।

संगठनों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी कि शिक्षक राजेश गौतम पर दर्ज मुकदमा तत्काल वापस लिया जाए तथा कथित फर्जी एफआईआर दर्ज कराने में संलिप्त संबंधित एसओ और अन्य जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी सहित कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही ज्ञापन में शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा सम्मान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी भी कर्मचारी या शिक्षक का उत्पीड़न न हो।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मोस्ट कल्याण संस्थान और सोम्स शिक्षक संघ के पदाधिकारी, शिक्षक और समर्थक मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi