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सीताकुंड धाम में गोमती मित्र मंडल का वृहद स्वच्छता अभियान, नदी और नालियों से निकाला गया भारी मात्रा में कचरा

सुलतानपुर। आदिगंगा गोमती की निर्मलता और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में गोमती मित्र मंडल द्वारा सीताकुंड धाम परिसर में वृहद स्वच्छता श्रमदान अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान नदी घाटों, मंदिर परिसर और जाम नालियों की गहन सफाई करते हुए बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला गया।

गोमती मित्र मंडल द्वारा प्रत्येक सप्ताह आयोजित किए जाने वाले श्रमदान कार्यक्रम में इस बार विशेष रूप से सीताकुंड धाम की आंतरिक नालियों और नदी तटों की सफाई पर फोकस किया गया। सुबह से ही स्वयंसेवकों की अलग-अलग टोलियां बनाकर पूरे परिसर में सफाई कार्य शुरू किया गया।

एक टीम ने मुख्य घाट, सीढ़ियों और मंदिर परिसर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभाली। स्वयंसेवकों ने झाड़ू लगाकर परिसर को स्वच्छ बनाया, जबकि दूसरी टीम ने धाम परिसर से होकर गुजरने वाली जाम नालियों की तल्लीझार सफाई की। फावड़ों और अन्य उपकरणों की मदद से नालियों में वर्षों से जमा कचरे और मलबे को बाहर निकाला गया।

सफाई अभियान के दौरान नालियों से प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, कपड़े और अन्य ठोस अपशिष्ट सामग्री निकाली गई। इसके बाद कचरे को निर्धारित डंपिंग स्थल तक पहुंचाया गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था को सुचारू करने में मदद मिली और जलभराव की समस्या कम हुई।

अभियान के दौरान नदी के किनारों और पानी के भीतर फंसी सड़ी-गली पूजा सामग्री, पुराने कपड़े, प्लास्टिक और अन्य कूड़े-कचरे को भी बाहर निकाला गया। कई स्थानों पर पानी के अंदर फंसे कचरे को निकालने में स्वयंसेवकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लंबे समय से जमा अपशिष्ट पदार्थ नदी की स्वच्छता और पर्यावरण के लिए खतरा बने हुए थे।

स्वच्छता अभियान के समापन पर गोमती मित्र मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि धार्मिक स्थलों और नदियों में पूजा सामग्री, प्लास्टिक अथवा अन्य कचरा न फेंकें, ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों की पवित्रता और स्वच्छता बनी रह सके।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह ने कहा कि नदियों को प्रदूषण मुक्त रखना केवल किसी एक संस्था या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। यदि सभी लोग जागरूक होकर सहयोग करें तो नदियों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

इस श्रमदान अभियान में संरक्षक रतन कसौधन, प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन, प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, संत कुमार प्रधान, सेनजीत कसौधन दाऊ, डॉ. कुंवर दिनकर प्रताप सिंह, राकेश सिंह (राजू पहलवान दद्दू), मुन्ना सोनी, रामु सोनी, अजय प्रताप सिंह, राजीव कसौधन, आलोक तिवारी, अरुण गुप्ता, विकास यादव, अभय सोनी, अभय मिश्रा, आयुष सोनी, तुषार, हैप्पी, प्रांजल, राज मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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Suyash Chitranshi
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