सुलतानपुर। सुलतानपुर में गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करने वाला ‘जश्न-ए वारिस पाक’ इस वर्ष अपने 32वें दौर में प्रवेश कर चुका है। शहर के खुर्शीद क्लब मैदान में शनिवार को इसका भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के प्रसिद्ध कव्वाल अपनी प्रस्तुति देंगे।
यह रूहानी जलसा हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव के संदेश को समर्पित है। कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार रात 8:30 बजे भव्य आतिशबाजी के साथ होगी, जबकि रात 9:00 बजे इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।
कार्यक्रम के आयोजक और वारसिया कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष हजरत मोबीन अहमद वारसी (लड्डन बाबा) ने बताया कि पूरी रात चलने वाली इस महफिल में सूफियाना कलाम और कव्वालियों की गूंज रहेगी। तड़के सुबह 4:13 बजे महान सूफी संत हाजी वारिस अली शाह का ‘कुल शरीफ’ अदा किया जाएगा, जिसके बाद सुबह 7:00 बजे मेहमानों की रुखसती होगी।
इस खास मौके पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कव्वाल शमीम अनवर और वारिस साबरी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। उनके सूफियाना कलाम श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर देंगे।
आयोजकों के अनुसार, ‘जश्न-ए वारिस पाक’ का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त जाति-पाति और भेदभाव को समाप्त कर प्रेम, शांति और एकता का संदेश फैलाना है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और श्रोताओं के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे सुलतानपुर की फिजा एक बार फिर भाईचारे और मोहब्बत के रंग में रंग जाएगी।
