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जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी नहीं हुई पैमाइश, पीड़िता ने लगाया प्रशासन पर दबाव में काम करने का आरोप

सुलतानपुर। जनपद सुलतानपुर के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र में भूमि विवाद का एक मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्राम फतेहपुर संगत, परगना बरौसा स्थित गाटा संख्या 173 क, ख, ग के चिन्हांकन और भूमि विभाजन से जुड़े मामले में पीड़िता कैसर जहाँ पत्नी मोहम्मद कासिम ने जिलाधिकारी सुलतानपुर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

मामले को लेकर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी स्तर से निर्देश जारी होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते वह लगातार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

पीड़िता के अनुसार, उक्त भूमि के भौतिक विभाजन का मामला उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 30(2) के तहत न्यायालय में विचाराधीन था। मामले की सुनवाई के बाद 31 जनवरी 2025 को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा आदेश पारित किया गया था, जिसमें विभाजन स्कीम की पुष्टि करते हुए सभी खंडों का अलग-अलग चिन्हांकन कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

आरोप है कि आदेश पारित होने के कई महीने बाद भी चिन्हांकन और पैमाइश की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। पीड़िता ने सीधे तौर पर उपजिलाधिकारी जयसिंहपुर पर दबाव में कार्य करने तथा उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

पीड़िता का कहना है कि वह कई दिनों से तहसील और संबंधित प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी समस्या को लेकर तहसील कार्यालय में जानकारी लेने का प्रयास किया तो वहां से उन्हें डांटकर वापस भेज दिया गया।

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता और राजस्व विभाग की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि यदि जिलाधिकारी स्तर से जारी आदेशों के अनुपालन में भी देरी हो रही है तो आम नागरिकों को न्याय कितनी जल्दी मिल पाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मामले का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो पीड़ित पक्ष बड़ा आंदोलन करने को मजबूर हो सकता है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi