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KNIMT फार्मेसी विभाग में NAAC प्रत्यायन पर विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित, गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर दिया गया जोर

सुलतानपुर। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में KNIMT (Pharmacy), सुलतानपुर द्वारा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फार्मेसी विभाग की ओर से “Current Approach of NAAC Accreditation in Pharmacy Institutions” विषय पर विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को फार्मेसी संस्थानों में NAAC प्रत्यायन की वर्तमान प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और शैक्षणिक सुधारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच गुणवत्ता आधारित शिक्षा प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें उच्च शैक्षणिक मानकों और संस्थागत विकास की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. तारिक महमूद, प्रोफेसर, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में NAAC प्रत्यायन के नवीन दृष्टिकोण और इसके बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि संस्थानों की गुणवत्ता, शोध गतिविधियों, नवाचार, कौशल विकास तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की गुणवत्ता और उसकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाने में NAAC (National Assessment and Accreditation Council) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्थानों को बेहतर शोध, नवाचार आधारित शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य करना चाहिए।

कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता के रूप में डॉ. फारोग अहसान, एसोसिएट प्रोफेसर, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने संस्थानों में Continuous Quality Improvement (CQI) यानी निरंतर गुणवत्ता सुधार की आवश्यकता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को समय-समय पर अपनी शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षण प्रणाली और शोध गतिविधियों में सुधार करते रहना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध हो सके।

डॉ. अहसान ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ज्ञान, शोध क्षमता और नवाचार की सोच भी आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के विचारों को गंभीरता से सुना और उनसे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की। कार्यक्रम का समापन फार्मेसी विभाग की ओर से अतिथि वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों को नई जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि संस्थानों में गुणवत्ता आधारित शिक्षा और शोध संस्कृति को भी मजबूती देने का कार्य करते हैं।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi