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तिकोनिया पार्क में ‘हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर’ इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का भव्य लोकार्पण, सांस्कृतिक पहचान को मिला नया आयाम

सुलतानपुर। जनपद सुलतानपुर में सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक चेतना और जनकल्याण को नई दिशा देने की पहल के तहत नगर पालिका परिषद द्वारा स्थापित “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का भव्य लोकार्पण एवं शुभारंभ समारोह तिकोनिया पार्क में संपन्न हुआ। यह आयोजन कुशभवनपुर उत्थान सेवा समिति एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं, नगर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस दौरान भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों और उपस्थित गणमान्य लोगों ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कार्यक्रम का माहौल सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता के संदेश से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

इस अवसर पर नगर पालिका परिषद सुलतानपुर के अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने “हमारा स्वाभिमान कुशभवनपुर” इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का लोकार्पण करते हुए कहा कि जनपदवासियों की लंबे समय से मांग थी कि नगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाले कार्य किए जाएं। इसी उद्देश्य से आधुनिक तकनीक और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से युक्त यह इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड स्थापित किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड नहीं बल्कि जनपद की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा।

प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं और नगर पालिका इस स्थल को प्रेरणा, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान ‘कुशभवनपुर’ नाम को लेकर भी चर्चा हुई। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि यह विषय जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है और इस संबंध में शासन स्तर तक बात पहुंचाई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जनभावनाओं के अनुरूप सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के उत्थान के लिए केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि सामाजिक संस्थाओं, संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक होती है। इसी सोच के साथ ‘कुशभवनपुर’ को समाज सेवा और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उपस्थित लोगों ने इस पहल को सामाजिक मूल्यों, सांस्कृतिक संरक्षण और जनहित से जुड़ा प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ सामाजिक एकता और सहभागिता की भावना को भी मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी जनसेवा और सामाजिक विकास से जुड़े कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi