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गंगा दशहरा पर धोपाप धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, आदि गंगा गोमती में श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

सुलतानपुर। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर तीर्थराज धोपाप धाम एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और सनातन आस्था के अद्भुत संगम का साक्षी बन गया है। जिले के लंभुआ क्षेत्र स्थित इस प्राचीन धार्मिक स्थल पर पर्व के पहले दिन ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने आदि गंगा गोमती नदी में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया और भगवान श्रीराम के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

धोपाप धाम में 25 एवं 26 मई को मुख्य स्नान पर्व माना जा रहा है, जिसके चलते सोमवार भोर से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। सुबह से लेकर देर शाम तक घाट परिसर श्रद्धालुओं से भरा दिखाई दिया। घाट पर धार्मिक भजन, जयकारों और पूजा-अर्चना से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली।

भगवान श्रीराम से जुड़ी है धोपाप धाम की पौराणिक मान्यता

धोपाप घाट का धार्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन और पौराणिक माना जाता है। मान्यता के अनुसार रावण वध के बाद भगवान श्रीराम ने ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए गंगा दशहरा के दिन इसी पवित्र स्थल पर स्नान किया था। तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है और हर वर्ष यहां लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान के लिए पहुंचते हैं।

धोपाप धाम सुलतानपुर जिले की लंभुआ तहसील के शाहगढ़ गांव के निकट गोमती नदी के पवित्र तट पर स्थित है और इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

गंगा दशहरा मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। घाट परिसर में पुलिस बल, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

जानकारी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के तहत घाट पर दो नावों के साथ बचाव दल भी मौजूद हैं। वहीं महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में भी तैनात किया गया है ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। भीड़ प्रबंधन के लिए दूर से ही बैरियर लगाए गए हैं, जिससे बड़े और छोटे वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

गंगा दशहरा मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने कई बार धोपाप धाम पहुंचकर मेले की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

प्रशासन को उम्मीद है कि मुख्य स्नान पर्व के दौरान धोपाप धाम में लाखों श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। ऐसे में सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

गंगा दशहरा के पहले दिन धोपाप धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि आज भी धार्मिक परंपराएं और आस्था लोगों के जीवन में उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी सदियों पहले थीं।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi