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Bhooth Bangla Review: सुलतानपुरवासियों को नहीं जमी अक्षय कुमार-प्रियदर्शन की जुगलबंदी वाली नई हॉरर-कॉमेडी फिल्म

Bhooth Bangla Review: प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी वो आइकॉनिक जुगलबंदी है, जिसने सुपरहिट ‘भूल भुलैया’ के साथ हिंदी सिनेमा में हॉरर-कॉमेडी को एक नई पहचान दी। इसके बाद कई फिल्मकारों ने इस फॉर्मूले को अपनाया और यह एक लोकप्रिय ट्रेंड बन गया। अब करीब 19 साल बाद जब यह जोड़ी इसी जॉनर में दोबारा साथ आई, तो उम्मीदों का जगना लाजमी था। लेकिन अफसोस, इस बार यह जुगलबंदी कुछ नया रचने की बजाय पुराने जादू को ही दोहराने में उलझी हुई नजर आती है। ‘Bhooth Bangla’ अपनी शुरुआत में हंसाती तो है, लेकिन फिर इसमें ताजगी और नयेपन की कमी झलकने लगती है।

‘Bhooth Bangla’ की कहानी
कहानी मंगलपुर नाम के एक रहस्यमयी गांव से शुरू होती है, जहां बरसों से किसी की शादी नहीं हुई। वजह है ‘वधूसुर’ नाम का राक्षस, जो हर बारात को तबाह कर दुल्हन को गायब कर देता है। इस खौफनाक रहस्य की जड़ें एक पुराने फ्लैशबैक में छिपी हैं। लंदन में रहने वाला अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) अपनी बहन मीरा (मिथिला पारकर) की शादी के लिए एक सही जगह ढूंढ रहा है। उनके पिता (जीशु सेनगुप्ता) भी चाहते हैं कि मीरा की शादी अच्छे से हो। तभी अर्जुन को पता चलता है कि मीरा 500 करोड़ की संपत्ति और एक भव्य हवेली की वारिस है। अर्जुन उसी हवेली को शादी के लिए चुनता है और तैयारियों के लिए मंगलपुर पहुंचता है। यह वही गांव है, जहां लोग वधूसुर के डर से शादी के लिए गंगा पार जाते हैं।

अर्जुन मंगलपुर पहुंचता है। लोगों की बातों और कहानियों को वह अंधविश्वास मानता है। लेकिन हवेली में केयरटेकर शांताराम (असरानी), वेडिंग प्लानर जगदीश केवलरामानी (परेश रावल) और उसके भतीजे सुंदर (राजपाल यादव) के साथ अजीब और डरावनी घटनाएं होने लगती हैं। हालात तब बदलते हैं जब अर्जुन खुद एक भयानक अनुभव का सामना करता है और उसे यकीन हो जाता है कि मंगलपुर सच में शापित है।

अर्जुन के इस सफर में वामिका गब्बी भी उससे जुड़ती है, जबकि मनोज जोशी, राजेश शर्मा, भावना पानी और ज़ाकिर हुसैन जैसे किरदार कहानी में अलग-अलग परतें जोड़ते हैं। जैसे-जैसे कहानी अतीत में गहराई तक जाती है, अर्जुन को न सिर्फ वधूसुर का सच पता चलता है, बल्कि खुद से जुड़ा एक ऐसा डरावना राज भी सामने आता है, जिससे बच निकलना उसके लिए आसान नहीं होता।

जिलेवासियों की प्रतिक्रिया:
मूवी रिलीज़ के बाद हमारी टीम ने जनपद के अलग-अलग इलाकों में जाकर दर्शकों से बातचीत की और उनकी राय जानने की कोशिश की। ज्यादातर लोगों ने Bhooth Bangla को लेकर निराशा जाहिर की। दर्शकों का कहना है कि फिल्म न तो डर पैदा कर पाती है और न ही कॉमेडी के जरिए मनोरंजन करने में सफल होती है। कई दर्शकों ने इसे कमजोर कहानी, फीकी पटकथा और औसत अभिनय का मिश्रण बताया। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म की कहानी अधूरी और बिखरी हुई लगती है, जिससे दर्शक अंत तक जुड़ नहीं पाते।

कुल मिलाकर, जिले के दर्शकों ने Bhooth Bangla को लगभग एक सुर में नकार दिया है। उम्मीदों के विपरीत यह फिल्म प्रभाव छोड़ने में असफल रही और दर्शकों की नजर में यह एक कमजोर हॉरर-कॉमेडी साबित हुई है।

अनंत प्रियदर्शी

शास्त्री नगर निवासी अनंत प्रियदर्शी का कहना है कि फिल्म का ट्रेलर देखकर लगा था कि कुछ नया देखने को मिलेगा। भूल भुलैया के 19 साल बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जुगलबंदी हॉरर-कॉमेडी फिल्म में वापस आयी थी, लेकिन पूरी फिल्म में सिर्फ शोर-शराबा और बेमतलब के डरावने सीन हैं। कहानी बिल्कुल भी पकड़ नहीं बना पाती है। ऐसा लग रहा था जैसे भूल भुलैया की कोई सस्ती कॉपी देख रहे हैं।

 

 

नफीस अहमद

अमहट निवासी नफीस अहमद ने फिल्म देखने के बाद बताया कि हॉरर फिल्म में सस्पेंस सबसे जरूरी होता है, लेकिन Bhooth Bangla में सब कुछ पहले से अंदाजा लग जाता है। एक्टिंग भी काफी ओवर लगती है और फिल्म का वीएफएक्स बहुत ही खराब है। फिल्म की स्क्रिप्ट से लेकर डायलॉग और म्यूज़िक दोयम दर्जे के हैं। इस फिल्म को देखने के लिए OTT पर रिलीज़ होने का इंतज़ार किया जा सकता है।

 

अनुराग गुप्ता

दरियापुर में रहने वाले अनुराग गुप्ता का कहना है कि फिल्म का डायरेक्शन बहुत कमजोर है। कई सीन बिना किसी लॉजिक के डाले गए हैं, जिससे फिल्म बिखरी हुई लगती है। ऐसा लगता है कि कहानी पुरानी जानी दुश्मन और भूल भुलैया की मिक्स है। 2010 के दशक में अक्षय कुमार की बहुत सी फिल्मों के सीन आज भी वायरल हैं और आइकोनिक हैं। अक्षय कुमार ने सिर्फ अपने उन्ही ट्रेंड को कॉपी करने की नाकाम कोशिश की है। अब लोग अक्षय कुमार से कुछ नया एक्स्पेक्ट करते हैं। ये फिल्म अगर भूल भुलैया के आसपास के समय आयी होती तो शायद ठीक भी लगती।

 

हिमांशु अग्रवाल

बाधमंडी चौराहा निवासी हिमांशु अग्रवाल का कहना है कि हम लोग बहुत उम्मीद से इस फिल्म को देखने गए थे।हॉरर-कॉमेडी जॉनर हमेशा से दर्शकों के लिए खासा इंटरेस्टिंग रहा है। Bhool Bhulaiyaa और Stree जैसी फिल्मों ने इस जॉनर को नई पहचान दी है। लेकिन इस फिल्म इस जॉनर की उम्मीदों पर खरी उतरती नजर नहीं आती। फिल्म में न तो किसी भी सीन में डर लगा और न ही किसी कॉमेडी सीन में हंसी आयी। ऊपर से बैकग्राउंड म्यूजिक बहुत ही तेज और भड़कीला है।

 

आनंद दूबे

शास्त्री नगर निवासी आनंद दूबे ने भी यह फिल्म देखी और उनका कहना है कि फिल्म में राजपाल यादव को छोड़ दिया जाये तो और किसी की भी ऐक्टिंग कुछ ख़ास नहीं है। राजपाल यादव ने अपने छोटे से रोल में बहुत मेहनत की है। फिल्म का क्लाइमैक्स भी बेहद निराशाजनक है। पूरी फिल्म में सिर्फ एक गाना ‘राम जी भला करेंगे’ के अलावा कोई भी गाना ख़ास नहीं है और वो भी मूवी के लास्ट में है। पूरी फिल्म देखने के बाद बस ऐसा लगा कि समय बर्बाद हुआ।

 

 

फिल्म का ओवरऑल फीडबैक
निर्देशक प्रियदर्शन फिल्म की शुरुआत हल्के-फुल्के अंदाज में करते हैं, जहां फर्स्ट हाफ कुछ हद तक मनोरंजन देता है। लंबे रनटाइम में जरूरत से ज्यादा मसाले डालने की वजह से फिल्म का संतुलन बिगड़ जाता है। हालांकि, प्रियदर्शन अपनी पसंदीदा स्टार कास्ट के साथ कॉमिक टाइमिंग साधने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई जगहों पर कॉमेडी फूहड़ और जरूरत से ज्यादा लाउड हो जाती है। प्री-क्लाइमैक्स में वधूसुर के साथ फाइट सीन में वीएफएक्स प्रभावित करते हैं, लेकिन क्लाइमैक्स तक आते-आते एक संतोषजनक, होलसम एंटरटेनर बनने की कमी साफ महसूस होती है।

अभिनय की बात करें, तो अक्षय कुमार अपनी कॉमिक टाइमिंग के साथ अपने किरदार को मनोरंजक बनाने की कोशिश करते हैं। फिल्म में वे दोहरी भूमिका में हैं। कॉमेडी को आगे बढ़ाने में असरानी, राजपाल यादव और परेश रावल की यह चौकड़ी अपने किरदारों के जरिए कई जगहों पर नॉस्टाल्जिक अनुभव देती है। खास तौर पर यह फिल्म असरानी जैसे सीनियर कलाकर के लिए ट्रिब्यूट मानी जा सकती है। फिल्‍म के बाकी किरदारों में वामिका गब्बी को बहुत ही कम स्क्रीन टाइम मिला है। तब्बू जैसी सीनियर और अनुभवी एक्ट्रेस को वेस्ट कर दिया गया है। मिथिला पालकर, राजेश शर्मा, जीशु सेनगुप्ता, जाकिर हुसैन जैसे तमाम कलाकारों ने अपने रोल्स को बखूबी निभाया है। संगीत, जो हॉरर-कॉमेडी फिल्‍मों की की जान है, यहां कमजोर है। प्रीतम का म्यूजिक औसत रह जाता है।

क्यों देखें- हॉरर-कॉमेडी के हार्डकोर फैन हैं, अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी के दीवाने हैं, तो यह फिल्‍म देख सकते हैं।