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1 जून को लखनऊ कूच करेंगे हजारों किसान, मुख्यमंत्री आवास चलो सत्याग्रह आंदोलन की तैयारियां तेज

सुलतानपुर। भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद संगठन ने आगामी 1 जून 2026 को प्रस्तावित “मुख्यमंत्री आवास चलो सत्याग्रह आंदोलन” को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। जनसमस्याओं, भ्रष्टाचार, अवैध खनन और प्रशासनिक निरंकुशता के खिलाफ होने वाले इस आंदोलन को ऐतिहासिक और निर्णायक बनाने के लिए सुलतानपुर जिले की लंभुआ तहसील में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने हजारों किसानों और युवाओं के लखनऊ कूच की रणनीति तैयार की।

बैठक की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष कमलेश वर्मा और युवा जिला अध्यक्ष लंभुआ राजपति तिवारी ने की, जबकि राष्ट्रीय सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई और अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारियां पदाधिकारियों को सौंपी गईं।

500 से ज्यादा किसान निजी वाहनों से जाएंगे लखनऊ

बैठक में निर्णय लिया गया कि लंभुआ तहसील क्षेत्र से 500 से अधिक किसान, युवा और संगठन कार्यकर्ता निजी वाहनों के माध्यम से प्रातःकाल लखनऊ रवाना होंगे। वहीं अन्य कार्यकर्ताओं को ट्रेन और विभिन्न संसाधनों के जरिए राजधानी पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई। संगठन के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों और आमजन से संपर्क कर आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन देने में जुट गए हैं।

संगठन ने दावा किया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता गोपनीय रणनीति के तहत लखनऊ पहुंचेंगे, जिससे यह आंदोलन प्रदेशव्यापी किसान जनआक्रोश का रूप ले सकता है।

कादीपुर और जयसिंहपुर में भी तेज हुई तैयारियां

बैठक में यह भी तय किया गया कि कादीपुर क्षेत्र में जिला उपाध्यक्ष राजेश सिंह और जिला सचिव अतुल सिंह के नेतृत्व में अलग रणनीतिक बैठक आयोजित कर आंदोलन को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं जयसिंहपुर तहसील में भी जिला महासचिव और तहसील अध्यक्ष के नेतृत्व में योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

“यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, निर्णायक संघर्ष होगा”

भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर प्रस्तावित सत्याग्रह आंदोलन केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि प्रदेश में बढ़ती जनसमस्याओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का रूप लेगा।

संगठन के अनुसार आंदोलन के दौरान किसान और कार्यकर्ता अन्न और जल त्याग कर शांतिपूर्ण सत्याग्रह करेंगे।

अवैध खनन और मादक पदार्थों की बिक्री पर उठे सवाल

संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में प्रदेश में बढ़ रहे अवैध खनन, अवैध कटान, अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग रखी है। इसके साथ ही खनन माफियाओं को संरक्षण देने वाले भ्रष्ट पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी आंदोलन का मुख्य मुद्दा होगी।

संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा लगातार किसानों और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे किसानों और युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

बड़ी संख्या में जुटे संगठन पदाधिकारी

बैठक में जिला प्रवक्ता महेश मिश्रा, जिला सचिव कृष्ण कुमार, जिला महासचिव उमेश गुप्ता, जिला संगठन मंत्री अशोक विश्वकर्मा, जिला महासचिव रामदयाल यादव, तहसील अध्यक्ष दीपक सिंह, तहसील महासचिव विपिन सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत, ब्लॉक उपाध्यक्ष हृदय नारायण पांडे सहित बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

संगठन ने दावा किया कि यह आंदोलन किसानों, युवाओं और आम जनता की आवाज बनकर प्रदेश सरकार तक जनसमस्याओं को मजबूती से पहुंचाएगा।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi