sultanpur-vikvajitpur-maa-baglamukhi-dham-pooja-bhandara

सुलतानपुर के विकवाजितपुर में मां बंगलामुखी धाम पर उमड़ी श्रद्धा, 51 सुहागिन महिलाओं ने की विशेष पूजा

सुलतानपुर। जिले के भदैया क्षेत्र अंतर्गत विकवाजितपुर गांव स्थित प्राचीन मां बगलामुखी धाम मंदिर में गुरुवार को धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां 51 सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान के साथ मां बंगलामुखी की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा।

धार्मिक आयोजन का नेतृत्व राहुल बौद्ध और शैलेंद्र श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान अवसान माई की पूजा और दुखदुरिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूजा के उपरांत शाम को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

प्राचीन आस्था का केंद्र बना मां बगलामुखी धाम

विकवाजितपुर गांव स्थित मां बगलामुखी धाम मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो दशक पहले यहां घना बगीचा हुआ करता था, जहां लोग अपने पशु चराने के लिए आते थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों को पेड़ों के नीचे मां बंगलामुखी की दिव्य प्रतिमा के दर्शन हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक सहयोग से यहां छोटा मंदिर बनवाकर पूजा-पाठ शुरू किया।

धीरे-धीरे यह स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया और दूर-दराज के लोग भी यहां दर्शन के लिए आने लगे।

मनोकामना पूर्ण होने पर कुएं में चढ़ाते हैं दान

मंदिर परिसर के समीप स्थित प्राचीन कुआं भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का विषय बना हुआ है। स्थानीय मान्यता के अनुसार जो भक्त मां बंगलामुखी से सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं और उनकी मनोकामना पूरी होती है, वे मंदिर पहुंचकर कुएं में जेवरात या धातु दान करते हैं।

ग्रामीण बताते हैं कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी श्रद्धालु अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप यहां दान करते हैं।

2020 में हुआ मंदिर का जीर्णोद्धार

बताया जाता है कि यह मंदिर मुगलकाल के बाद अस्तित्व में आया था। समय के साथ मंदिर की प्रसिद्धि बढ़ती गई और वर्ष 2020 में इसका भव्य जीर्णोद्धार कराया गया। वर्तमान में मंदिर में मां बंगलामुखी की पीत संगमरमर से निर्मित आकर्षक प्रतिमा स्थापित है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

अब यह स्थल एक सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध हो चुका है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

नवरात्र में लगता है भक्ति का विशाल मेला

मां बगलामुखी धाम मंदिर में नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। यहां भजन-कीर्तन, जगराता और विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।

गुरुवार को आयोजित पूजा और भंडारे में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे मंदिर परिसर में भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा।

Author Profile

Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi