सुलतानपुर। गोसाईंगंज थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुई आजाद वर्मा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को आजाद वर्मा का गांव के बाहर स्थित बाग में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम रहीं, वहीं पूरे गांव में गम और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। इस बीच मृतक के परिजनों ने प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मुख्य आरोपियों के एनकाउंटर, अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा और अन्य मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है और कई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम आजाद वर्मा अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के एक निजी विद्यालय के पास पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली आजाद वर्मा की पीठ में लगी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिलाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतक के परिजनों ने इसे पुरानी रंजिश का परिणाम बताते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मृतक के परिजन बादल वर्मा की तहरीर के आधार पर गोसाईंगंज पुलिस ने अशोक पांडेय, राज नारायण पांडेय, अनुराग, रुपम, सूरज समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सूरज, सत्यम और रुपम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को अंतिम संस्कार के बाद मृतक के परिजनों ने अपर पुलिस अधीक्षक बृजनारायन सिंह और एडीएम (एफआर) राकेश सिंह को एक मांग पत्र सौंपा।
ज्ञापन में परिजनों ने मांग की कि मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए तथा उनके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही परिवार को सुरक्षा प्रदान करने, सशस्त्र लाइसेंस जारी करने और आरोपियों से जुड़े ईंट भट्टे की जांच कर उसे ध्वस्त करने की भी मांग उठाई गई।
परिजनों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर जल्द न्याय दिलाने की भी अपेक्षा जताई। घटना के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों का पीड़ित परिवार से मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।
लंभुआ से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके अलावा संजय यदुवंशी और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता वंशराज दुबे ने भी परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया। इससे पहले सोमवार को पूर्व विधायक अरुण वर्मा भी पीड़ित परिवार से मिले थे और घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
जहां एक ओर विभिन्न दलों के नेता और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, वहीं सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय का मौके पर नहीं पहुंचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इस संबंध में सदर विधायक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हत्या की इस वारदात के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
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