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पेपर लीक और बेरोजगारी पर NSUI का कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन, सरकार और स्थानीय विधायकों पर साधा निशाना

सुलतानपुर। पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर मंगलवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री के पोस्टर लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए युवाओं से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष मानस तिवारी ने किया।

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जबकि सरकार इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। संगठन ने बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि छात्र-युवा अब अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मानस तिवारी ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में ब्रिटिश शासन की तरह हिटलरशाही की मानसिकता के साथ बिना बताए आपातकाल जैसा माहौल बना दिया गया है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की आवाज को दबाया जा रहा है और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मानस तिवारी ने कहा कि आज का युवा भुखमरी, बेरोजगारी और लगातार बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है। उनके अनुसार, सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रही है, जबकि आम नागरिकों के लिए रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताएं भी चुनौती बनती जा रही हैं।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने सुलतानपुर के स्थानीय भाजपा विधायकों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिले के जनप्रतिनिधि छात्रों की समस्याओं पर पूरी तरह मौन हैं। उन्होंने कहा कि जब पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों को छात्रों के पक्ष में खुलकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय केवल चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है। उनके अनुसार, आम नागरिकों और युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान मानस तिवारी ने भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वयं को स्वतंत्र छात्र संगठन बताने वाला एबीवीपी पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह मौन बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एबीवीपी के पदाधिकारी छात्रों के हितों की लड़ाई लड़ने के बजाय सत्ता पक्ष के नेताओं और मंत्रियों की चापलूसी में व्यस्त हैं। एनएसयूआई का कहना है कि यदि छात्र हितों की वास्तविक चिंता होती, तो पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर व्यापक आंदोलन देखने को मिलता।

एनएसयूआई ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश का युवा अब अपनी ताकत को समझ चुका है और आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी तथा पेपर लीक जैसे मुद्दों का जवाब मतदान के माध्यम से देगा।

मानस तिवारी ने कहा कि युवा वर्ग अब सरकार की नीतियों का मूल्यांकन कर रहा है और रोजगार, शिक्षा तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में युवाओं का समर्थन कांग्रेस के पक्ष में बढ़ेगा।

अपने संबोधन के दौरान मानस तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिन पर दिल्ली में आयोजित ‘रोजगार मेला’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष में होने के बावजूद कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया, जबकि सरकार रोजगार सृजन के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल आश्वासन नहीं बल्कि स्थायी रोजगार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की आवश्यकता है। यदि सरकार समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो छात्र और युवा आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।

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Suyash Chitranshi
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