Ayodhya Anganwadi Recruitment: अयोध्या। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, भर्ती प्रक्रिया, पोषण व्यवस्था, निर्माण कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया।
बैठक के दौरान आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया को 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही बैठक में अनुपस्थित रहने पर पांच अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे विभागीय कार्यों में लापरवाही पर सख्ती का संकेत मिला।
आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी को मजबूत करने के लिए सभी केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिसके लिए लगभग 4.24 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा आईआरएफसी के सहयोग से करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 1250 प्री-स्कूल किट, आरओ और एलईडी उपकरणों की खरीद की समीक्षा की गई।
पोषाहार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अब सात नए ब्रांड—शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, सम्पूर्ण मातृ आहार, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण—की आपूर्ति सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों तक कराई जाएगी। यह आपूर्ति नेफेड के माध्यम से ओटीपी सत्यापन के बाद सुनिश्चित की जाएगी। पहले स्वयं सहायता समूहों के जरिए होने वाली खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
बैठक में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों के प्रबंधन, उनके रिकवरी रेट तथा गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि अयोध्या धाम के 70 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 50 पर कार्य जारी है, जबकि 16 केंद्रों पर अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस पर उपजिलाधिकारी सदर को भूमि चिन्हांकन और नगर निगम को निर्माण कार्यों में आ रही कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा ई-केवाईसी और एफआरएस के माध्यम से खाद्यान्न वितरण की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा गया। निरीक्षण कार्य में कमी पाए जाने पर पांच मुख्य सेविकाओं को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत जुलाई 2026 में छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले 14,296 बच्चों का नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
