अयोध्या। महार्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम (Ayodhya Airport) पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक व्यापक आतंकवाद निरोधक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान एयरपोर्ट के सिटी साइड क्षेत्र में डमी आतंकी हमले का परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय को परखा गया।
मॉक ड्रिल के दौरान सूचना मिलते ही सीआईएसएफ (CISF) की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए स्थिति को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित कर लिया। यह कार्रवाई डिप्टी कमांडेंट/सीएएसओ रविंद्र सिंह के नेतृत्व और सहायक कमांडेंट रोहित ढाका के समन्वय में की गई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की तत्परता और दक्षता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
प्रारंभिक कार्रवाई के बाद राज्य की अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया। मौके पर यूपी एटीएस, यूपी पुलिस और आईबी की टीमें पहुंचीं और अभियान को आगे बढ़ाया। यूपी एटीएस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए डमी आतंकियों को जिंदा पकड़ने में सफलता हासिल की, जिससे सुरक्षा तंत्र की मजबूती का प्रदर्शन हुआ।
इसके बाद बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने पूरे क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाते हुए किसी भी संभावित विस्फोटक खतरे को निष्प्रभावी किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग ने आपातकालीन सेवाएं संभालते हुए चिकित्सा सहायता और राहत कार्यों को सुचारू रूप से अंजाम दिया।
इस बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, विभिन्न एयरलाइंस और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। अभ्यास के उपरांत आयोजित डिब्रीफिंग सत्र में सभी एजेंसियों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य में सुधार के बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारियों ने इस मॉक ड्रिल को सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस प्रकार के नियमित अभ्यासों से आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
