Apara Ekadashi 2026 Today: Rare Preeti Yoga Coincidence, Fast Believed to Improve Financial Condition

अपरा एकादशी आज: बन रहा प्रीति योग का महासंयोग, व्रत से आर्थिक स्थिति में होगा सुधार

सनातन धर्म में अपरा एकादशी को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रीहरि की साधना करने से साधक को जीवन में सभी सुख मिलते हैं।

भगवान विष्णु की कृपा से बिगड़े काम पूरे होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं एस्ट्रोपत्री के ज्योतिष आनंद सागर पाठक से अपरा एकादशी व्रत करने से कौन-से लाभ मिलते हैं।

आज 13 मई 2026 को आने वाली अपरा एकादशी को बेहद शुभ और फलदायी माना जा रहा है। इस दिन विशेष आध्यात्मिक और ग्रहों की अनुकूल स्थिति बन रही है, जो व्रत, दान और भक्ति के महत्व को और भी बढ़ा देती है। इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु देव की आराधना करने से पुराने कर्मों का बोझ कम होता है और मन को शांति मिलती है।

अपरा एकादशी का व्रत करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। भक्तजन इस दिन को क्षमा मांगने, अंतर्मन की शुद्धि और दिव्य कृपा पाने के लिए बहुत प्रभावशाली मानते हैं। इस दिन किए गए दान, प्रार्थना और नियमबद्ध भक्ति के कार्यों से जीवन में लंबे समय तक अच्छे परिणाम मिलते हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है।

आज अपरा एकादशी पर बन रहा प्रीति योग का संयोग
इस बार अपरा एकादशी के दिन विष्कुम्भ और प्रीति योग का संयोग बन रहा है। विष्कम्भ योग को शुभ कामों के लिए अशुभ माना जाता है, लेकिन प्रीति योग को शुभ कामों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 02 मिनट से 07 बजकर 23 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक

ऐसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न
एकादशी का दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें। फल और मिठाई का भोग लगाएं। भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से भगवान विष्णु की कृपा बरसती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

कब करें व्रत का पारण
व्रत पारण का समय कल 14 मई को सुबह 05 बजकर 31 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 14 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय व्रत का पारण कर सकते हैं।

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News Desk