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सुलतानपुर के लेखक सचिन कुमार सिंह की उपलब्धि पर गर्वित हुआ शहर, अंकुरण फाउंडेशन ने आयोजित किया ‘है जवानी तो इश्क होना है’ फिल्म का विशेष शो

सुलतानपुर। जनपद के लिए रविवार का दिन गौरवपूर्ण पल बन गया, जब सामाजिक संस्था अंकुरण फाउंडेशन ने अपने सदस्य एवं बॉलीवुड फिल्म लेखक सचिन कुमार सिंह की उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए पूरे थिएटर को बुक कर फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया। यह आयोजन केवल एक फिल्म शो नहीं बल्कि सुलतानपुर की प्रतिभा और सफलता का उत्सव था।

नगर के दरियापुर स्थित शुभम थिएटर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में अंकुरण फाउंडेशन के पदाधिकारी, महिला सदस्य, युवा साथी, वरिष्ठ नागरिक एवं शहर के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक साथ बैठकर उस फिल्म का आनंद लिया, जिसकी कहानी लेखन टीम में सुलतानपुर के प्रतिभाशाली लेखक सचिन कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सरस्वती विद्या मंदिर में सचिन कुमार सिंह के साथ पढ़े उनके मित्रों ने बताया कि विद्यालय जीवन से ही उन्हें कहानी लिखने और पढ़ने का विशेष शौक था। उस समय कई लोग उनके इस जुनून को समय की बर्बादी मानते थे और व्यापार पर ध्यान देने की सलाह देते थे। लेकिन सचिन ने अपने सपनों को छोड़ने के बजाय उन्हें अपना लक्ष्य बनाया। आज वही जुनून उन्हें बॉलीवुड तक ले गया है। वरुण धवन अभिनीत फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की कहानी लेखन टीम में शामिल होकर उन्होंने न केवल अपना नाम बनाया बल्कि पूरे सुलतानपुर जिले का गौरव भी बढ़ाया है।

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अंकुरण फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में फिल्म लेखक सचिन कुमार सिंह के सम्मान में विशेष आयोजन किया गया। संस्था के सदस्यों ने कहा कि अपने शहर के एक युवा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाते देखना पूरे जनपद के लिए गर्व की बात है। संस्था ने अपने संदेश में कहा कि सपनों को साकार करने वालों का साथ देना ही परिवार की सबसे बड़ी पहचान है और अंकुरण परिवार हमेशा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

इस विशेष आयोजन को सफल बनाने में अंकुरण फाउंडेशन के संरक्षक डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव की अहम भूमिका रही। वहीं आयोजन के समन्वय में समाजसेवी आलोक सागर का विशेष योगदान रहा। संस्था ने दोनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से ही पूरा परिवार एक साथ यह अविस्मरणीय पल जी सका।

फिल्म प्रदर्शन के बाद सचिन कुमार सिंह ने अंकुरण फाउंडेशन और उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने ही शहर और अपने लोगों के साथ अपनी लिखी फिल्म देखना उनके जीवन का एक अद्वितीय अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि एक गैर-फिल्मी पृष्ठभूमि से आने वाले युवक के पहले प्रयास को जिस तरह लोगों ने सराहा, वह उन्हें भविष्य में और बेहतर काम करने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि सीखने और सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी, लेकिन अपने लोगों का यह प्यार और उत्साहवर्धन जीवनभर याद रहेगा।

सचिन कुमार सिंह की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि यदि जुनून, मेहनत और निरंतर प्रयास बना रहे तो किसी भी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। अंकुरण फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम सुलतानपुर की सांस्कृतिक और रचनात्मक चेतना का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सचिन कुमार सिंह को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका यह सफर आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।

इस विशेष आयोजन में प्रमुख रूप से डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव, विनोद पांडेय, आरिफ खान, आलोक सागर, दीपक जायसवाल, आदित्य अग्रहरि, रवि अग्रहरि, सुमित श्रीवास्तव, सत्यम मिश्रा, विवेकानंद पांडेय, जावेद अहमद, अनुराग श्रीवास्तव, अंकुरण, संजीत कसौधन, ज़बीहुल्लाह कुरैशी तथा अरुण कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा अंकुरण परिवार की महिला सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

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Suyash Chitranshi
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