UP Heatwave Alert: अप्रैल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह से ही सूरज की तपिश लोगों को घरों में कैद करने लगी है। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा और बाजारों में वीरानी साफ देखी जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय वेदर सिस्टम नहीं है, जिसके चलते शुष्क पछुआ हवाएं लगातार गर्मी को बढ़ा रही हैं। यही कारण है कि तापमान में तेजी से उछाल दर्ज किया जा रहा है और आने वाले 48 से 72 घंटे और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
प्रयागराज और बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा कहर
प्रदेश में गर्मी का सबसे भयानक असर बुंदेलखंड और प्रयागराज मंडल में देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में प्रयागराज 43°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा, जबकि बांदा में तापमान 44.4°C तक पहुंच गया।
फतेहपुर, कौशांबी, सुलतानपुर और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में भी तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है, जो साफ तौर पर हीटवेव की स्थिति को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर की हवाएं अब ठंडक नहीं, बल्कि शरीर को झुलसा देने वाली गर्म लपटों जैसी महसूस हो रही हैं।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड: आसमान से बरस रही ‘आग’
बुंदेलखंड इस समय प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। बांदा और झांसी में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छूने की ओर बढ़ रहा है। वहीं पूर्वांचल के वाराणसी और गोरखपुर में भी पारा 42°C के पार जाने की स्थिति में है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4-5 दिनों में कुछ जिलों में तापमान 45°C तक पहुंच सकता है, जिससे लू का प्रकोप और बढ़ेगा।
पश्चिमी यूपी भी तप रहा, राहत के आसार नहीं
गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर और नोएडा जैसे पश्चिमी जिलों में भी गर्मी तेजी से बढ़ रही है। यहां तापमान 39 से 41°C के बीच बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और वृद्धि की संभावना है। आसमान साफ रहने के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
लखनऊ समेत मध्य यूपी में उमस भरी गर्मी
राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव और रायबरेली जैसे जिलों में भी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। लखनऊ में तापमान 40-41°C के बीच रहने की संभावना है और अगले 5 दिनों में इसमें 3 से 6 डिग्री तक का उछाल आ सकता है। हवा में नमी कम होने से सूखापन बढ़ गया है, जिससे त्वचा झुलसने जैसी स्थिति बन रही है। वहीं स्कूल से लौटते बच्चों और बाहर काम करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बने एंटी-साइक्लोन सिस्टम के कारण गर्म हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। इसके साथ ही पछुआ हवाएं कमजोर पड़ रही हैं, जिससे वातावरण में गर्मी और उमस दोनों बढ़ रही हैं।
क्या मिलेगी राहत?
भीषण गर्मी के बीच राहत की हल्की उम्मीद 20 अप्रैल के बाद जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। हालांकि इससे बारिश की संभावना कम है, लेकिन बादलों की आवाजाही और हवाओं के रुख में बदलाव से तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट संभव है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है कि दिन में 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें और बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
फिलहाल उत्तर प्रदेश में गर्मी से राहत के कोई बड़े संकेत नहीं हैं। आने वाले कुछ दिन और कठिन हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की जरूरत है।
