सुलतानपुर। जिले में Akhil Bharatiya Sanyukt Shikshak Mahasangh के नेतृत्व में शिक्षकों ने टीईटी (TET) अनिवार्यता के विरोध में विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस तिकोनिया पार्क से शुरू होकर आजाद पार्क तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान अटेवा के जिला अध्यक्ष अशोक सिंह गौरा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिक्षकों के हितों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षकों की नियुक्ति उस समय के लागू शासनादेशों के अनुसार हुई थी और उन्होंने सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी की थीं। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर शिक्षकों के पक्ष को गंभीरता से लेने की मांग की।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि जब-जब सरकारों ने शिक्षकों की उपेक्षा की है, तब-तब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके राजनीतिक परिणाम भी हो सकते हैं।
टीएससीटी के जिला अध्यक्ष अरुण सिंह ने टीईटी अनिवार्यता को एक सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि यह कदम बेसिक शिक्षा विभाग को निजीकरण की ओर ले जा सकता है। वहीं, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवनीद्र सिंह ने कहा कि उनका संगठन हर परिस्थिति में शिक्षकों के साथ खड़ा रहेगा।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुभाष यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे के माध्यम से शिक्षकों को बांटने का प्रयास कर रही है। महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्षा गायत्री सिंह ने कहा कि शिक्षक समुदाय इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगा और पीछे नहीं हटेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता के.के. सिंह (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, कुड़वार) ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का चयन उस समय की निर्धारित योग्यताओं के आधार पर हुआ था और सरकार को इस आदेश के खिलाफ कानूनी पहल करनी चाहिए।
इस दौरान विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी—जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ, अटेवा, प्राथमिक शिक्षक संघ, महिला शिक्षक संघ सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर सरकार से टीईटी अनिवार्यता के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
