सुलतानपुर। माह-ए-मोहर्रमुल हराम की पांचवीं तारीख़ पर कादीपुर क्षेत्र के ताजखानपुर में परंपरागत अंदाज़ और गहरी धार्मिक आस्था के साथ पांचवीं मोहर्रम का जुलूस बरामद हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अज़ादारों, मातमी दस्तों और विभिन्न अंजुमनों ने शिरकत कर शोहदाए करबला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
अंजुमन असगरिया ताजखानपुर के सेक्रेटरी हसीब ख़ान ने बताया कि जुलूस का आगाज़ इमाम बारगाह ताजखानपुर से पूरे शान-ओ-शौकत के साथ हुआ। जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस-ए-अज़ा को संबोधित करते हुए मौलाना आसिफ़ रज़ा क़िब्ला हैदराबादी ने करबला के मैदान में इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों द्वारा दी गई महान कुर्बानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि करबला का संदेश इंसानियत, न्याय, सच्चाई और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है, जो आज भी पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक है।
जुलूस में जिले और आसपास के क्षेत्रों की कई प्रतिष्ठित अंजुमनों ने भाग लिया। इनमें अंजुमन हैदरिया मनियारपुर, अंजुमन असगरिया अमहट, अंजुमन असगरिया क़दीम अमहट, अंजुमन जीनतुल अज़ा क़दीम अलीगढ़, अंजुमन जीनतुल अज़ा रजिस्टर्ड अलीगढ़, अंजुमन गुलज़ारे हुसैनी अलीनगर, अंजुमन पंजतनी तुराबख़ानी, अंजुमन अब्बासिया बहादुरपुर और अंजुमन लश्करे हुसैन अफलेपुर के मातमी दस्ते शामिल रहे।
मातमी दस्तों ने नौहा-ख़्वानी और सीना-ज़नी के माध्यम से शोहदाए करबला की याद को ताज़ा किया। अज़ादारों के जोश और अकीदत ने पूरे माहौल को गमगीन लेकिन आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
जुलूस अपने निर्धारित और पारंपरिक मार्गों से होता हुआ दमगडिया चौराहे पर पहुंचा, जहां विभिन्न अंजुमनों ने अपने-अपने अंदाज़ में पुरसा पेश किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और करबला के शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद मरहूम अबरार हुसैन के दरवाजे पर ज़ंजीर का मातम किया गया। वहीं अतीक़ ख़ान के दरवाजे पर अलाव का मातम और इमाम बारगाह के सामने क़मा का मातम अदा किया गया। धार्मिक परंपराओं और रिवायतों का पालन करते हुए जुलूस अंततः अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचकर संपन्न हुआ।
मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। जिले की चर्चित अधिकारी चारु निगम के निर्देशों तथा गाभड़िया चौकी प्रभारी दिवेश त्रिवेदी की निगरानी में पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
जुलूस के प्रारंभ से लेकर समापन तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।
जुलूस के सफल आयोजन में अंजुमन असगरिया ताजखानपुर के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और अज़ादारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने मिलकर अमन, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का संदेश देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया। मोहर्रम के इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र में सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव की मिसाल पेश की।
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