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खेत के बीच लगे ट्रांसफार्मर से किसानों की बढ़ी परेशानी, फसल बर्बादी और जान-माल के खतरे को लेकर मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

सुलतानपुर। जिले के सदर तहसील क्षेत्र स्थित मौजा शाहपुर सरकण्डेदीह के किसानों ने कृषि भूमि के बीच स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर को हटाकर बंजर भूमि पर स्थानांतरित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री तथा अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

किसानों का आरोप है कि खेत के बीच लगाए गए ट्रांसफार्मर के कारण उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर से होने वाली स्पार्किंग के कारण आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे जान-माल का भी गंभीर खतरा बना हुआ है। किसानों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

मामला मौजा शाहपुर सरकण्डेदीह, परगना मीरानपुर, तहसील सदर क्षेत्र के गाटा संख्या 1325/0.2980 हेक्टेयर कृषि भूमि का है। किसानों का कहना है कि विद्युत विभाग ने उनकी कृषि भूमि के मध्य ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया है, जिससे खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है और फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

ज्ञापन देने वाले किसानों राम चरन पुत्र गण राम केवल, रामजी, चन्द्र बहादुर पुत्र राम सजीवन तथा कपिल देव पुत्र राम मिलन ने बताया कि ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी के कारण उनके घर में आग लग गई थी। इस हादसे में उनकी दो भैंसें जलकर मर गईं, जिससे परिवार को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।

किसानों का कहना है कि इस घटना के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण भविष्य में भी किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

प्रभावित किसानों ने बताया कि जब भी ट्रांसफार्मर खराब होता है, उसकी मरम्मत के लिए आने वाले ट्रैक्टर, वाहन और अन्य लोग सीधे उनके खेतों के बीच से गुजरते हैं। इससे खड़ी फसल रौंद दी जाती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

उनका आरोप है कि बार-बार फसल खराब होने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों के अनुसार यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

किसानों ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि गाटा संख्या 1325 के पूर्व और पश्चिम दोनों ओर पर्याप्त बंजर भूमि उपलब्ध है। यदि विभाग चाहे तो ट्रांसफार्मर को वहां आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है।

किसानों का कहना है कि कृषि योग्य भूमि पर ट्रांसफार्मर स्थापित होने से उनकी खेती प्रभावित हो रही है, जबकि बंजर भूमि पर इसे लगाने से किसी को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि एक ही परिवार की भूमि पर छह विद्युत पोल भी स्थापित हैं, जिससे भूमि का बड़ा हिस्सा उपयोग के योग्य नहीं रह गया है।

ग्रामीणों और प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ट्रांसफार्मर को शीघ्र बंजर भूमि पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए जाएं।

किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में और अधिक फसल नुकसान के साथ-साथ जान-माल की क्षति की घटनाएं भी हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi