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सुलतानपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा रामनगर कोट में वर्षों पुराने रास्ते को लेकर विवाद अब जिला मुख्यालय तक पहुंच गया है। गांव के दर्जनों ग्रामीण शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और रास्ता खुलवाने की मांग करते हुए प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने सार्वजनिक उपयोग के रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते से उनके पूर्वज वर्षों से आते-जाते रहे हैं, उसी मार्ग पर अब अवरोध खड़ा कर दिया गया है। इतना ही नहीं, रास्ता खोलने की बात करने पर विवाद करने, मारपीट पर उतारू होने और पैसे की मांग किए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।

रामनगर कोट गांव के रहने वाले राजू पुत्र धर्मराज ने बताया कि गांव के ही राज बहादुर, विजय बहादुर पुत्र भागीरथी तथा भागीरथी पुत्र महंगू ने रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके कारण गांव के कई परिवारों का आवागमन प्रभावित हो गया है। खेतों तक पहुंचने, घर से बाहर निकलने और दैनिक कार्यों के लिए लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। राजू का कहना है कि जब भी ग्रामीण रास्ता खोलने की बात करते हैं तो संबंधित लोग विवाद करने लगते हैं और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीण कोयला पुत्र रामजस ने आरोप लगाया कि रास्ता देने के नाम पर उनसे पैसों की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और इतनी आर्थिक क्षमता नहीं रखते कि रास्ते के लिए किसी को पैसा दें। उन्होंने कहा, “हम लोग गरीब मजदूर हैं। रास्ता हमारे आने-जाने का अधिकार है, लेकिन इसके बदले पैसे मांगे जा रहे हैं। प्रशासन हमारी समस्या का समाधान करे।”

गांव के निवासी जग प्रसाद यादव पुत्र रामनेवज यादव ने बताया कि संबंधित भूमि गाटा संख्या 678 में दर्ज है, जिसे राजस्व अभिलेखों में दीगर जंगल के रूप में दर्ज बताया गया है। उनका कहना है कि इसके बावजूद ग्रामीणों को रास्ते का उपयोग नहीं करने दिया जा रहा है। जग प्रसाद यादव के अनुसार, उनके पूर्वज कई वर्षों से इसी रास्ते का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन अब गांव के कुछ लोगों ने उसे बंद कर दिया है। इससे न केवल आवागमन बाधित हुआ है बल्कि ग्रामीणों के बीच विवाद भी बढ़ता जा रहा है।

इस मामले में जब गांव के प्रधान प्रतिनिधि बबलू सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि रास्ता खुलवाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों से बातचीत चल रही है और प्रशासन के सहयोग से समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी, ताकि गांव में शांति और सौहार्द बना रहे। फिलहाल ग्रामीणों ने अपनी शिकायत जिलाधिकारी को सौंप दी है और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi