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पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल, लावारिस शव का पूरे विधि-विधान से कराया अंतिम संस्कार

सुलतानपुर। अक्सर पुलिस की पहचान कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण तक सीमित मानी जाती है, लेकिन सुलतानपुर के चांदा क्षेत्र में पुलिसकर्मियों ने ऐसा मानवीय कार्य किया, जिसकी स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। चांदा क्षेत्र के कालिकागंज बाजार के पास मिले एक अज्ञात लावारिस शव का पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया और मानवता की मिसाल पेश की।

जानकारी के अनुसार, करीब तीन दिन पहले कालिकागंज बाजार के पास एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना मिलने पर चांदा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू किया गया।

पुलिस द्वारा अज्ञात व्यक्ति की शिनाख्त के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी। शव को 72 घंटे तक मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया, ताकि यदि कोई परिजन या वारिस सामने आए तो उसकी पहचान की जा सके।

बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी जब कोई दावेदार सामने नहीं आया, तो प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चांदा अमित कुमार मिश्रा के निर्देश पर पुलिस कर्मियों ने मानवीय जिम्मेदारी निभाने का फैसला लिया।

इस दौरान कांस्टेबल प्रेमदीप गौतम और कांस्टेबल प्रवेन्द्र सिंह ने शव की अंत्येष्टि की पूरी जिम्मेदारी संभाली और हथिया नाला, सुलतानपुर में पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया।

कांस्टेबल प्रेमदीप गौतम ने कहा कि ड्यूटी निभाना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन समाज के प्रति मानवीय दायित्व भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “किसी मृत व्यक्ति का सिर्फ इसलिए अपमान नहीं होना चाहिए कि उसका कोई वारिस नहीं है। हमने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वयं मुखाग्नि दी।”

पुलिस के इस संवेदनशील और मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्य समाज में पुलिस के प्रति भरोसा और सम्मान को और मजबूत करते हैं।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi