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नियमितीकरण और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पंचायत सहायकों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट पहुंच सौंपा ज्ञापन

सुलतानपुर। जिले भर के पंचायत सहायकों ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पंचायत सहायक एकत्र होकर जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने सरकार से अपनी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की अपील की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार की विभिन्न योजनाओं के संचालन, ऑनलाइन कार्यों, अभिलेखों के रखरखाव, जनसेवा केंद्रों से जुड़े कार्यों और विभिन्न विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन पंचायत सहायकों द्वारा किया जाता है। इसके बावजूद उन्हें केवल ₹6 हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम है।

पंचायत सहायकों ने आरोप लगाया कि कई बार मानदेय का भुगतान समय पर नहीं किया जाता और महीनों तक भुगतान लंबित रहता है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की प्रमुख मांग

प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही वर्तमान मानदेय में बढ़ोतरी कर सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कार्यों के स्पष्ट निर्धारण के लिए नियमावली लागू करने तथा मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की।

प्रदर्शन में शामिल महिला पंचायत सहायकों ने कहा कि वे भी अन्य महिला कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभाती हैं, लेकिन उन्हें मातृत्व अवकाश, विशेष सुविधाएं और अन्य सरकारी रियायतें नहीं मिलतीं। उन्होंने सरकार से महिला पंचायत सहायकों के लिए विशेष सुविधाएं और सुरक्षा प्रावधान लागू करने की मांग की।

15 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन

पंचायत सहायकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 जून तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उचित निर्णय करेगी। ज्ञापन सौंपने के बाद पंचायत सहायकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

जिले में पंचायत सहायकों के इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा रही। अब सभी की नजर सरकार की ओर से आने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi