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सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज में ‘मेडिकोलीगल ऑटोप्सी’ पर CME का आयोजन, छात्रों और चिकित्सकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

सुलतानपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सा शिक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई। महाविद्यालय के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की ओर से “मेडिकोलीगल ऑटोप्सी” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (Continuing Medical Education-CME) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा छात्रों, इंटर्न्स और चिकित्सकों को मेडिकोलीगल ऑटोप्सी की प्रक्रिया, महत्व और इसके कानूनी पहलुओं के प्रति जागरूक करना था।

इस शैक्षणिक कार्यक्रम में फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष एवं सहायक आचार्य डॉ. सुशील कुमार गुप्ता ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। उन्होंने बेहद सरल और सहज शब्दों में मेडिकोलीगल ऑटोप्सी की परिभाषा समझाते हुए कहा कि यह मृत शरीर का एक वैज्ञानिक परीक्षण होता है, जिसके माध्यम से व्यक्ति की मृत्यु के कारण, समय और परिस्थितियों का पता लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया कानून और पुलिस जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा न्यायिक प्रक्रिया को सटीक दिशा देने में सहायक होती है।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रियंक वर्मा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कई वरिष्ठ चिकित्सकों और शिक्षकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्रोफेसर डॉ. आशीष बनर्जी, डॉ. पायल सिंह, डॉ. स्वाति, डॉ. सबाहत और डॉ. ज्योत्सना सहित सीनियर रेजिडेंट्स (SR), जूनियर रेजिडेंट्स (JR) और इंटर्न्स ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम के दौरान मेडिकोलीगल मामलों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका, पोस्टमार्टम की वैज्ञानिक प्रक्रिया और न्यायिक जांच में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से यह भी समझाया कि किसी भी संदिग्ध मृत्यु के मामले में फॉरेंसिक जांच कितनी अहम होती है।

कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने विषय को बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। छात्रों और इंटर्न्स ने चर्चा में गहरी रुचि दिखाई और विषय से जुड़े कई सवाल भी पूछे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े छात्रों और चिकित्सकों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi