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सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों और सुरक्षा कर्मियों के बीच मारपीट, हंगामे के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

  • जूनियर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने कोतवाली का किया घेराव, पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया
  • इमरजेंसी वार्ड में तनाव के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, CCTV जांच की उठी मांग
  • तीमारदारों और सुरक्षाकर्मियों के विवाद से मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल

सुलतानपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में तीमारदारों और सुरक्षा कर्मियों के बीच हुए विवाद ने शुक्रवार को बड़ा रूप ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते मारपीट और हंगामे में बदल गया, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना के बाद बड़ी संख्या में जूनियर चिकित्सक और सुरक्षा कर्मी नगर कोतवाली पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सामंत और नगर कोतवाल संदीप राय मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों को समझाकर माहौल शांत कराया। पुलिस ने मारपीट के आरोप में मरीज के कुछ तीमारदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। जूनियर डॉक्टर और सुरक्षा कर्मी एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए बहस करते दिखाई दिए। वहीं दूसरी ओर कई लोगों का कहना है कि यदि इमरजेंसी वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है।

घटना के बाद मीडिया कर्मियों ने जब अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो अधिकांश सुरक्षाकर्मियों ने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भूतपूर्व सैनिकों की अखिल भारतीय सैनिक कल्याण परिषद के अंतर्गत तैनात सुरक्षा कर्मियों के पास है। हालांकि अस्पताल आने वाले कई तीमारदारों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मियों और मरीजों के परिजनों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनती रहती है।

कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों का व्यवहार कई बार तीमारदारों और मीडिया कर्मियों के प्रति अभद्र रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और कई बार वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ है।

मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। वहीं पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल में बेहतर व्यवहार और पारदर्शी व्यवस्था की मांग की है।

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News Desk