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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, लंभुआ में शिक्षकों को मिले ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज के प्रतीकात्मक कार्ड

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से इस योजना की शुरुआत की, जिसके क्रम में सुलतानपुर जिले के लंभुआ ब्लॉक संसाधन केंद्र पर प्रतीकात्मक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पात्र शिक्षकों एवं कर्मचारियों को योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए।

यह योजना प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा अन्य पात्र कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके आश्रितों को सरकारी तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति ने इस योजना के प्रति उत्साह और विश्वास को भी दर्शाया।

लंभुआ ब्लॉक संसाधन केंद्र में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राम सागर गुप्ता ने किया। समारोह में ब्लॉक प्रमुख लंभुआ कुंवर बहादुर सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष कैलाश चंद्र दुबे, उपजिलाधिकारी (एसडीएम) प्रीति जैन, खंड विकास अधिकारी नीलिमा गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी लंभुआ अजय सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी भदैया शिवशंकर मिश्रा, प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रणवीर सिंह तथा ब्लॉक अध्यक्ष केदार नाथ दुबे सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख लंभुआ कुंवर बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। ऐसे में शिक्षक का सम्मान जितना आवश्यक है, उतना ही उसका स्वस्थ और सुरक्षित रहना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों के स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ को कम करेगी और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि स्वस्थ शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकता है।

उपजिलाधिकारी प्रीति जैन ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षित चिकित्सकीय भविष्य सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक चिंता कई बार बड़ी समस्या बन जाती है, लेकिन इस योजना के लागू होने से पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण इलाज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रणवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अंतिम पायदान तक कार्यरत सहयोगियों को भी इस प्रकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया तथा अन्य पात्र कर्मचारी भी इसके दायरे में शामिल हैं। उन्होंने इसे शिक्षक हित में सरकार का ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा विभाग के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

सहायक अध्यापक प्रमेंद्र सिंह ने सभी शिक्षकों की ओर से सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकता के लिए कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराना शिक्षकों के हित में बड़ा निर्णय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी शिक्षकों के कल्याण के लिए इसी प्रकार की योजनाएं लागू होती रहेंगी।

कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रणवीर सिंह, जितेंद्र त्रिपाठी, डॉ. राम सागर गुप्ता, कलहू पाल, रामकेश सिंह, रविंद्र सिंह, लीला यादव, अनुदेशक अजीत सिंह, शिक्षामित्र रेनू, शैलेन्द्र तिवारी, विपिन यादव, महेंद्र कुमार चौरसिया, विनय कुमार, सुचित्रानंद चतुर्वेदी, ज्ञानेंद्र सिंह, सुशांत मिश्रा, सनत कुमार सिंह सहित कई शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षकों, कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिलेगी। इसका उद्देश्य शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और चिकित्सा खर्च के आर्थिक बोझ को कम करना है।

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Suyash Chitranshi
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