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सुलतानपुर में निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग

सुलतानपुर। जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बल्दीराय थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल और डॉक्टर पर गलत ऑपरेशन करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर भाजपा मंडल महामंत्री रोहित अगहरी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मेडिकल बोर्ड से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित परिवार के अनुसार वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में घायल हुए गणेश कुमार को इलाज के लिए गोराबारिक स्थित भगवती हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर द्वारा किया गया ऑपरेशन गलत तरीके से किया गया, जिसके बाद युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का कहना है कि इलाज के बाद सुधार होने के बजाय गणेश कुमार की स्थिति और गंभीर हो गई तथा वह सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हो गया।

परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर लाखों रुपये खर्च करा दिए, लेकिन मरीज को कोई राहत नहीं मिली। हालत खराब होने पर जब दोबारा ऑपरेशन की जरूरत पड़ी तो अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से भी मना कर दिया। इसके बाद परिवार युवक को दूसरे अस्पताल लेकर गया, जहां जांच के दौरान पहले किए गए ऑपरेशन को गलत बताया गया।

बताया जा रहा है कि 13 मई को युवक का दोबारा ऑपरेशन किया गया, जिसमें प्लेट और रॉड डाली गई। परिजनों का कहना है कि यदि पहले सही इलाज किया गया होता तो युवक को दोबारा ऑपरेशन और भारी आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता। परिवार का आरोप है कि अस्पताल और डॉक्टर की लापरवाही ने युवक की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

भाजपा मंडल महामंत्री रोहित अगहरी ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि निजी अस्पतालों की लापरवाही पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने मेडिकल बोर्ड गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराने, दोषी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

इस घटना के सामने आने के बाद जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस गंभीर मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

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Suyash Chitranshi
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