sultanpur-bank-loan-recovery-land-attached-kamataganj-lambhua

बैंक ऋण वसूली की बड़ी कार्रवाई में 3.90 एकड़ कृषि भूमि कुर्क, बकायेदारों में मचा हड़कंप

सुलतानपुर। बैंक ऋण की वसूली को लेकर तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। भदैंया ब्लॉक क्षेत्र के कामतागंज बाजार स्थित ग्रामीण बैंक के एक बकायेदार की लगभग 3.90 एकड़ कृषि भूमि कुर्क कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के बड़े बकायेदारों में हड़कंप मच गया है और ऋण न चुकाने वालों की चिंता बढ़ गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार संबंधित बकायेदार पर बैंक का करीब 3.80 लाख रुपये से अधिक मूलधन एवं ब्याज बकाया था। कई बार नोटिस जारी किए जाने और भुगतान का अवसर दिए जाने के बावजूद जब ऋण राशि जमा नहीं की गई, तब राजस्व विभाग ने कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई।

बताया जा रहा है कि बैंक प्रबंधन ने ऋण वसूली के लिए राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कराया था। इसके बाद तहसील प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित बकायेदार की भूमि को राजस्व अभिलेखों में कुर्क दर्ज कर लिया गया।

तहसील प्रशासन का कहना है कि बैंक ऋण की वसूली सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। लगातार नोटिसों की अनदेखी किए जाने के बाद प्रशासन के पास सख्त कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

यह कार्रवाई एसडीएम लंभुआ प्रीति जैन के निर्देशन एवं तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी की निगरानी में संपन्न हुई। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित भूमि की कुर्की की प्रक्रिया पूरी की और आवश्यक अभिलेखीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की।

अधिकारियों ने बताया कि कुर्की दर्ज होने के बाद अब संबंधित भूमि पर किसी प्रकार का विक्रय, हस्तांतरण, दान, बंधक या अन्य वित्तीय लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। भूमि से संबंधित सभी अधिकार प्रशासनिक नियमों के अधीन रहेंगे, जब तक बकाया ऋण का निस्तारण नहीं हो जाता।

प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र के अन्य बड़े ऋण बकायेदारों के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों पर बैंक या सरकारी देनदारियां लंबित हैं, उन्हें समय रहते भुगतान कर देना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ भी कुर्की, संपत्ति जब्ती और नीलामी जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

राजस्व विभाग ने संकेत दिए हैं कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों की बकाया धनराशि की वसूली के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी और बैंकिंग व्यवस्था में वित्तीय अनुशासन बनाए रखना तथा बकाया ऋणों की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करना है।

Author Profile

Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi