magician-sanjay-ghayal-joins-bsp-para-bazar-isauli-sultanpur

कला के मंच से राजनीति के मैदान तक, 12 जून को बसपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे जादूगर संजय घायल

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच सुलतानपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। वर्षों तक अपने अद्भुत जादुई करतबों से लाखों लोगों का मनोरंजन करने वाले और पूर्वांचल के चर्चित जादूगर संजय घायल अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी पूरी टीम और समर्थकों के साथ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल होने का बड़ा एलान किया है। संजय घायल के इस फैसले को जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। कला जगत से राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर समर्थकों के साथ-साथ राजनीतिक दलों की भी नजरें टिकी हुई हैं।

12 जून को पारा बाजार में होगा शक्ति प्रदर्शन

जादूगर संजय घायल ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि वह 12 जून 2026 को इसौली विधानसभा क्षेत्र के पारा बाजार में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और बसपा कार्यकर्ता जनसभा को ऐतिहासिक बनाने में जुट गए हैं। संजय घायल का दावा है कि उनके साथ उनकी पूरी टीम और बड़ी संख्या में समर्थक भी बसपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। यदि ऐसा होता है तो यह बसपा के लिए संगठनात्मक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी।

मायावती की नीतियों से प्रभावित होकर लिया फैसला

राजनीति में प्रवेश के पीछे की वजह बताते हुए संजय घायल ने कहा कि वे बसपा सुप्रीमो Mayawati की नीतियों और पार्टी के मूल सिद्धांतों से प्रभावित हैं। बहुजन समाज के उत्थान और सामाजिक न्याय के लिए बसपा ने जो कार्य किए हैं, उनसे प्रेरित होकर समाज सेवा के इस नए मार्ग को चुना है। संजय घायल का कहना है कि राजनीति के माध्यम से वे समाज के अधिक लोगों तक पहुंचकर जनसेवा करना चाहते हैं।

पारा बाजार की जनसभा बनी चर्चा का केंद्र

संजय घायल की सदस्यता को लेकर प्रस्तावित जनसभा अब जिले की राजनीति का सबसे चर्चित कार्यक्रम बनती जा रही है। स्थानीय जनता, बसपा कार्यकर्ता और राजनीतिक विश्लेषक इस कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। कई लोगों का मानना है कि कला जगत से राजनीति में आ रहे संजय घायल का यह कदम आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसका वास्तविक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

Author Profile

Suyash Chitranshi
Suyash Chitranshi