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सुलतानपुर में 140 मुर्गियों की मौत पर सियासत तेज, भाजपा-सपा विधायक सोशल मीडिया पर आमने-सामने

सुलतानपुर। सुलतानपुर में 140 मुर्गियों की मौत के बाद शुरू हुई राजनीतिक रार अब सोशल मीडिया पर भाजपा और सपा के विधायकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गई है। सदर विधानसभा के भाजपा विधायक राज प्रसाद उपाध्याय और इसी विधानसभा के पूर्व सपा विधायक अरुण वर्मा एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

यह मामला बल्दीराय थानाक्षेत्र के दरियापुर गांव का है, जहां डीजे की तेज आवाज के कारण कथित तौर पर 140 मुर्गियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई की थी। इसके बाद, सदर विधानसभा के पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने पीड़ित मुर्गी फार्म संचालक को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलवाया। अखिलेश यादव ने पीड़ित को आर्थिक सहायता प्रदान की।

इस घटनाक्रम के बाद भाजपा विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि यह आश्चर्यजनक है कि पूर्व मुख्यमंत्री के पास प्रदेश के विकास के मुद्दों पर बोलने का समय नहीं है, लेकिन वे ‘मुर्गियों के पोस्टमार्टम’ और ‘डीजे की राजनीति’ में गहरी रुचि ले रहे हैं। उपाध्याय ने पूर्व विधायक पर गंभीर जन समस्याओं को छोड़कर केवल ‘फोटो खिंचवाने’ के बहाने ढूंढने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है, जबकि सपा ‘तुष्टिकरण’ और ‘प्रचार’ की राजनीति तक सीमित है।

भाजपा विधायक की पोस्ट पर पलटवार करते हुए पूर्व सपा विधायक अरुण वर्मा ने जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने तो एक गरीब व्यक्ति की मदद कर फोटो खिंचवाई है। वर्मा ने भाजपा विधायक पर एक दलित विधायक को धक्का देकर पीछे करने का आरोप लगाया और कहा कि यह सिर्फ विधायक का नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले विधानसभा चुनाव में दलित समाज भाजपा विधायक को विधानसभा से बाहर का रास्ता दिखाएगा।

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News Desk