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सुलतानपुर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा हटाने पर विवाद, प्रशासन बोला- बिना अनुमति की गई थी स्थापना

सुलतानपुर। सुलतानपुर के कादीपुर में महाराणा प्रताप की एक प्रतिमा हटा दी गई थी। प्रशासन ने दावा किया कि यह प्रतिमा बिना किसी अनुमति के स्थापित की गई थी। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश देखा गया, जिसके मद्देनजर बुधवार को पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सहित अन्य अधिकारियों को डैमेज कंट्रोल के लिए भेजा गया।

अधिकारियों ने बैठक कर स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास किया।सोमवार रात को कादीपुर में प्रतिमा स्थापित किए जाने का एक वीडियो सामने आया था, जिसके बाद इसे रातों-रात हटा दिया गया। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक लाभ से जोड़ा।

मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम और नगर पालिका अध्यक्ष आनंद जायसवाल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रस्ताव दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अशोक बिसेन ने प्रतिमा हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई।

इसके बाद, बुधवार को कादीपुर कोतवाली में पुलिस अधिकारियों ने क्षत्रिय संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके। अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद के विधानसभा अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि स्थानीय जनता के सहयोग से चीनी मिल चौराहे पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य शासन से अनुमति मिलने के बाद ही पूरा किया जाएगा।परिषद ने घोषणा की है कि 9 मई को कादीपुर के जूनियर हाई स्कूल मैदान में महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर एक विशाल समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और क्षेत्र के अन्य सम्मानित एमएलसी व विधायकगण उपस्थित रहेंगे। संगठन ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर इस आयोजन का हिस्सा बनें।

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News Desk