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प्रतापगढ़ में श्री भक्तमाल कथा के द्वितीय दिवस पर अवतारों की दिव्य लीलाओं का हुआ रसपूर्ण वर्णन, श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक लाभ

प्रतापगढ़। पुरुषोत्तम मास (मलमास) के पावन अवसर पर जनकल्याणार्थ आयोजित तीन दिवसीय श्री भक्तमाल कथा रसधारा के द्वितीय दिवस में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। हनुमंत नगर, चिलबिला, प्रतापगढ़ में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया और भगवान के विविध अवतारों की महिमा का रसास्वादन किया।

यह आयोजन शीतला सहाय धर्मा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट एवं मधुकर संगीत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक आयोजित हो रही है, जिसमें क्षेत्र सहित दूर-दराज़ से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

द्वितीय दिवस की कथा का वाचन जगद्गुरु श्री हनुमत सिद्ध पीठ, अयोध्या धाम के पीठाधीश्वर एवं अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास पूज्य विनय मधुकर महाराज ने अपने श्रीमुख से किया। कथा के दौरान उन्होंने भक्तमाल के प्रथम छप्पय का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की महिमा का विस्तृत वर्णन किया।

महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को श्री नृसिंह अवतार, श्री वामनावतार, श्री परशुराम अवतार, श्री रामावतार, श्री कृष्णावतार, श्री बुद्धावतार, कल्कि अवतार, श्री व्यासावतार, श्री पृथु अवतार, श्री हरि अवतार तथा श्री हंसावतार की दिव्य कथाएं सुनाईं। उन्होंने बताया कि भगवान समय-समय पर धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए विभिन्न रूपों में अवतरित होते हैं तथा उनके चरित्र मानव जीवन को सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

कथा के दौरान भक्ति रस से ओतप्रोत वातावरण में श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा का श्रवण करते रहे। पूज्य महाराज ने भक्तमाल ग्रंथ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ग्रंथ संत परंपरा, भक्ति और भगवान के प्रति समर्पण की अमूल्य धरोहर है। इसके माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति तथा जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण प्राप्त होता है।

कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि यह कथा जनकल्याण और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। कथा के आगामी सत्रों में भी भगवान की दिव्य लीलाओं एवं संत चरित्रों का वर्णन किया जाएगा। आयोजन में क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिक, संतजन एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

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Ashish Pratap Singh