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आग पीड़ित परिवार, दिव्यांग युवक और नेत्रहीन मासूम बच्ची की मदद को आगे आया सेवार्थम फाउंडेशन

सुलतानपुर। सेवा, संवेदना और मानवता की मिसाल पेश करते हुए सेवार्थम फाउंडेशन ने लंभुआ क्षेत्र के बभंगवा गांव में जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। फाउंडेशन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष तिवारी ने गांव पहुंचकर आग से प्रभावित परिवार, जन्मजात दिव्यांग युवक और दृष्टिबाधित मासूम बच्ची के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

आग की भेंट चढ़ा आशियाना, मदद के लिए पहुंचे डॉ. आशीष तिवारी
बभंगवा गांव निवासी दर्शन निषाद का आशियाना हाल ही में भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। आग की इस घटना में परिवार का घर और गृहस्थी का सामान राख में तब्दील हो गया, जिससे परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हो गया। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलने पर सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने छप्पर निर्माण के लिए ₹5000 की आर्थिक सहायता प्रदान की और परिवार के लिए राशन की व्यवस्था कर राहत पहुंचाई।

इस दौरान उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर फाउंडेशन उनके साथ खड़ा रहेगा। डॉ. तिवारी ने कहा कि संकट की घड़ी में किसी जरूरतमंद का हाथ थामना ही सच्ची मानवता है और समाज के सक्षम लोगों को ऐसे परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।

जन्मजात दिव्यांग युवक को मिला सहारा
गांव के निवासी जितेंद्र निषाद के छोटे भाई, जो जन्मजात दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उनसे भी डॉ. आशीष तिवारी ने मुलाकात की। उन्होंने दिव्यांग युवक की स्वास्थ्य स्थिति और जीवन की चुनौतियों को करीब से समझा। इस दौरान उन्होंने आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए बेहतर इलाज के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। डॉ. तिवारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मविश्वास देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

परिजनों ने बताया कि वर्षों से कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे युवक को पहली बार किसी संस्था ने इस तरह संवेदनशीलता के साथ सहयोग और संबल प्रदान किया है।

दो वर्षीय नेत्रहीन मासूम बच्ची के लिए भी बढ़ाया मदद का हाथ
बभंगवा गांव निवासी विजय बहादुर की दो वर्षीय पुत्री जन्म से ही आंखों की रोशनी से वंचित है। इतनी छोटी उम्र में दृष्टिबाधित होने के कारण परिवार गहरे मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस संवेदनशील मामले की जानकारी मिलने पर डॉ. आशीष तिवारी बच्ची के घर पहुंचे और उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बच्ची के इलाज के लिए तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की तथा भविष्य में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। डॉ. तिवारी ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह ऐसे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे आए और उन्हें नई उम्मीद देने का प्रयास करे।

सेवा ही सच्चा धर्म: डॉ. आशीष तिवारी
इस अवसर पर डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि समाज में आज भी कई परिवार ऐसे हैं जो कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। जरूरतमंदों की मदद करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि सेवार्थम फाउंडेशन आगे भी समाज के कमजोर, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

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Suyash Chitranshi
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