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जफरापुर में सेवार्थम फाउंडेशन का विकास संवाद, ग्रामीणों की समस्याएं सुन तैयार होगा विकास का रोडमैप

सुलतानपुर। ग्रामीण विकास, जनसुनवाई और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से सेवार्थम फाउंडेशन द्वारा धोपाप मंडल के जफरापुर ग्राम सभा में एक महत्वपूर्ण जनसंवाद एवं विकास बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी ने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों और विकास संबंधी अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना।

बैठक के दौरान गांव के समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और युवाओं के बेहतर भविष्य को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, स्वच्छता, रोजगार, जनसुविधाओं और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

ग्रामीणों की समस्याओं और जरूरतों पर हुई खुली चर्चा

जफरापुर ग्राम सभा में आयोजित इस विकास संवाद में ग्रामवासियों ने अपने क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और आवश्यकताओं को खुलकर रखा। बैठक के दौरान शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, युवाओं को रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने, स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया।

ग्रामीणों ने स्थानीय विकास से जुड़े कई सुझाव भी दिए, जिन पर सेवार्थम फाउंडेशन द्वारा भविष्य में कार्ययोजना तैयार करने की बात कही गई।

गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. आशीष तिवारी

सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव गांवों से ही तैयार होती है। इसलिए ग्रामीणों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सेवार्थम फाउंडेशन हमेशा आमजन की आवाज को प्राथमिकता देता है और गांवों के विकास, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता तथा जनकल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

डॉ. तिवारी ने आश्वासन दिया कि जफरापुर सहित क्षेत्र के अन्य गांवों की आवश्यकताओं और जनसमस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

ग्रामीणों की सहभागिता ने बनाया कार्यक्रम सफल

बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और गांव के विकास को लेकर अपने विचार साझा किए। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक सुझावों ने कार्यक्रम को सार्थक और परिणामोन्मुख बनाया।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुनवाई और विकास संवाद जैसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

सेवार्थम फाउंडेशन ने इस अवसर पर अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि “गांव की बात – गांव के साथ” केवल एक नारा नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और सामाजिक सेवा के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता है।

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Suyash Chitranshi
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